सिंगरौली: तृतीय अपर सत्र न्यायालय देवसर, जिला सिंगरौली (म.प्र.) के न्यायाधीश विजय कुमार सोनकर ने सत्र प्रकरण क्रमांक 77/2024 में फैसला सुनाते हुए तीन आरोपियों को दोषी ठहराया है। मामले में लोक अभियोजक मारकंडे मणि त्रिपाठी ने बताया कि न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयान तथा चिकित्सीय प्रमाणों के आधार पर अपराध सिद्ध पाया।लोक अभियोजक मारकंडे मणि त्रिपाठी के अनुसार घटना 28 अप्रैल 2024 को दोपहर लगभग 3 बजे ग्राम कुकुरांव, थाना सरई क्षेत्र में हुई थी। विवाद के दौरान आरोपियों मनोज लोनी (34 वर्ष), रामकुमार लोनी (55 वर्ष) एवं श्रीमती लोनी (50 वर्ष) ने विनय लोनी के साथ लाठी-डंडे से मारपीट की। गंभीर चोट लगने से विनय लोनी को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
उन्होंने बताया कि थाना सरई में अपराध क्रमांक 537/2024 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना की गई। प्रारंभ में धारा 307 के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध हुआ था, किंतु मृत्यु होने के उपरांत धारा 302 भारतीय दंड संहिता जोड़ी गई। विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा महत्वपूर्ण गवाहों के बयान, चिकित्सीय रिपोर्ट एवं अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। न्यायालय ने धारा 302/34 के तहत तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास एवं 5,000 रुपये अर्थदंड तथा धारा 323/34 के तहत एक वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न देने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।लोक अभियोजक मारकंडे मणि त्रिपाठी ने कहा कि न्यायालय का यह निर्णय गंभीर अपराधों के प्रति कड़ा संदेश देता है। फैसला 17 फरवरी 2026 को घोषित किया गया।
