
सारनी। सलैया गांव में 5 वर्षों बाद भी अधूरी पाइपलाइन और पानी की टंकी ने सरकार की योजना को लगा रही पतीला।
ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्ष 2019 में प्रारंभ की गई केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हर घर नल-जल’ योजना ग्राम सलैया में कागजों तक सीमित होती नजर आ रही है। गांव में बीते चार-पांच वर्षों से कार्य चल रहा है, लेकिन आज तक आधे से अधिक बस्तियों में पाइपलाइन ही नहीं बिछ पाई है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि छोटे से गांव में वर्षों बाद भी पानी की पाइपलाइन अधूरी है। लगभग 13 किलोमीटर पाइपलाइन स्वीकृत होने के बावजूद यह स्पष्ट नहीं है कि पहले चरण में कहां कार्य हुआ और वर्तमान में किस क्षेत्र में पाइप डाले जा रहे हैं। कई ग्रामीणों ने योजना की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
स्थिति और गंभीर तब हो गई है जब नल-जल योजना की पानी की टंकी का निर्माण भी अधूरा पड़ा है। फरवरी आधा बीतने के बाद भी टंकी के केवल पिलर खड़े हैं और कई महीनों से निर्माण कार्य बंद पड़ा है। गर्मी के मौसम में गांव में पेयजल संकट विकराल हो जाता है और लोगों को टैंकर खरीदकर पानी पीने को मजबूर होना पड़ता है।
इस संबंध में अधिकारी ने बताया कि नया टेंडर हुआ है, पाइप की कमी और मजदूरों की अनुपलब्धता के कारण कार्य में देरी हुई है। मजदूरों की व्यवस्था कर जल्द निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा। ग्रामीणों को अब जल्द राहत मिलने की उम्मीद है।
नल जल अधिकारी विवेक रामटेके
इनका कहना है कि
लगातार गांव में नल जल योजना काम शुरू है लगभग मार्च माह तक जलावर्धन योजना का निर्माण कार्य पूर्ण हो जाएगा। ग्राम के सभी लोगों को स्वच्छ जल जल्द उपलब्ध कराने का प्रयत्न किया जा रहा है।
*ग्राम सलैया सरपंच मिश्री लाल परते*
