मंडला में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया राजस्व कर्मचारी

मंडला। भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ी व निर्णायक कार्रवाई सामने आई है। मध्य प्रदेश लोकायुक्त की टीम ने राजस्व विभाग के एक कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एक किसान की शिकायत पर की गई, जिसने सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई। मंडला जिले के निवास क्षेत्र का है, जहां किसान गेंद लाल पिता मूलचंद ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार उनके खसरा रिकॉर्ड में पिता का नाम ‘मूलचंद’ के स्थान पर ‘फूलचंद’ दर्ज हो गया था। इस त्रुटि को सुधारने के लिए एसडीएम कार्यालय में पदस्थ बाबू काशीराम मरावी द्वारा आठ हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी।

शिकायत की पुष्टि के बाद लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार पांच हजार रुपये की पहली किश्त दी जानी थी। जैसे ही आरोपी कर्मचारी ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथों दबोच लिया। बताया जा रहा है कि आरोपी से पूछताछ जारी है और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। जिले में हाल के महीनों में भ्रष्टाचार के मामलों में बढ़ोतरी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर राजस्व और अन्य विभागों में रिश्वतखोरी के मामले लगातार क्यों सामने आ रहे हैं ? क्या यह निगरानी तंत्र की कमजोरी है, या फिर व्यवस्था में जवाबदेही का अभाव ? आम नागरिकों का कहना है कि छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी आमजन को कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे भ्रष्ट तत्वों को अवसर मिल जाता है। लोकायुक्त की इस कार्रवाई ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि यदि पीड़ित साहस के साथ शिकायत करें, तो भ्रष्टाचार पर अंकुश संभव है। अब देखना यह है कि क्या इस तरह की कार्रवाइयाँ व्यवस्था में स्थायी सुधार ला पाएंगी या फिर यह सिलसिला यूँ ही चलता रहेगा।

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