नई दिल्ली | फरवरी के मध्य में जहां एक ओर सर्दी की विदाई हो रही थी, वहीं बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए ‘लो प्रेशर’ एरिया ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में आज से अगले 48 घंटों तक तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि की प्रबल संभावना है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सर्द हवाएं चल सकती हैं। वहीं, पहाड़ी राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है, जिससे मैदानी क्षेत्रों में कनकनी बढ़ने के आसार हैं।
देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में बुधवार दोपहर के बाद आसमान में घने बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने का पूर्वानुमान है। नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद में बूंदाबांदी से तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। उधर, राजस्थान के जोधपुर, बीकानेर और जयपुर संभाग में पश्चिमी विक्षोभ का सबसे अधिक असर दिख रहा है, जहां धूल भरी हवाओं के साथ ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। उत्तर प्रदेश के भी पश्चिमी जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है, जिसे देखते हुए किसानों को अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है।
मौसम का यह बदलाव केवल उत्तर भारत तक सीमित नहीं है; दक्षिण भारत में भी बंगाल की खाड़ी के प्रभाव से मौसम सक्रिय हो गया है। तमिलनाडु के दक्षिणी तटीय जिलों और डेल्टा क्षेत्रों में 19 और 20 फरवरी को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। समुद्री क्षेत्रों में हवा की गति 55 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिसके कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग का मानना है कि इस अस्थाई बदलाव के बाद फरवरी के अंतिम सप्ताह से तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी और गर्मी का असर दिखने लगेगा।

