विधानसभा में पेश बजट में विकास, किसान और रोजगार पर फोकस

भोपाल: वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में आगामी वित्त वर्ष का बजट पेश करते हुए विकास को गति देने, किसानों को सशक्त बनाने और रोजगार सृजन को प्राथमिकता देने का स्पष्ट संदेश दिया। डिजिटल और दीर्घकालिक दृष्टि के साथ प्रस्तुत इस बजट में स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण, अधोसंरचना विस्तार तथा ग्रामीण-शहरी संतुलित विकास पर विशेष जोर दिखाई दिया, जिससे आने वाले वर्षों की आर्थिक दिशा और सरकार की नीतिगत प्रतिबद्धता दोनों परिलक्षित होती हैं।

आगामी वित्तीय वर्ष का बजट आकार के साथ-साथ सोच के स्तर पर भी बड़ा नजर आ रहा है। करीब 4.70 से 4.85 लाख करोड़ रुपये के दायरे में तैयार इस बजट को बीते वर्ष की तुलना में अधिक विस्तार और दूरगामी रणनीति वाला बताया जा रहा है। खास बात यह है कि इसे पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस स्वरूप में पेश किया गया है, वहीं ‘रोलिंग बजट’ प्रणाली के तहत वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक की वित्तीय रूपरेखा भी साथ रखी गई है, जिससे योजनाओं की निरंतरता और पारदर्शिता दोनों सुनिश्चित हों।

कृषि क्षेत्र को इस बजट का प्रमुख आधार बनाया गया है। किसानों के लिए लगभग एक लाख सोलर पंप उपलब्ध कराने का प्रावधान सिंचाई लागत घटाने और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इसके साथ किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना और कृषक उन्नति जैसी योजनाओं के माध्यम से आय वृद्धि, तकनीकी सहायता और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा को भी बजट में समान प्राथमिकता दी गई है। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, नए रोजगार अवसरों के सृजन और कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए लक्षित योजनाओं का दायरा बढ़ाने की तैयारी दिख रही है। भुखमरी और बेरोजगारी जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए कल्याणकारी कार्यक्रमों को मजबूत आधार देने का संकेत भी इसमें निहित है।
नगर और ग्रामीण विकास के मोर्चे पर अधोसंरचना परियोजनाएं, सड़क संपर्क, पेयजल, शहरी सुविधाएं और गांवों में आधारभूत सेवाओं के विस्तार को गति देने का प्रावधान किया गया है। साथ ही उद्योग, पर्यटन, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाकर संतुलित और समावेशी विकास की दिशा में बजट को एक व्यापक आर्थिक खाका माना जा रहा है। कुल मिलाकर यह बजट केवल वार्षिक आय-व्यय का दस्तावेज न होकर आने वाले तीन वर्षों की विकास दिशा तय करने वाला रणनीतिक ब्लूप्रिंट बनकर उभर रहा है।

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