टेबल ऑडिट’ के खुलासे के बाद जांच तेज, जांच टीम छनेरा पहुंची, रिकॉर्ड खंगाले

खंडवा। सहकारिता विभाग में पिपलानी और नहल्दा-रामेश्वर समितियों में सामने आए करोड़ों रुपये के घोटालों को लेकर नवभारत द्वारा प्रमुखता से उठाए गए मुद्दे के बाद अब जांच प्रक्रिया में तेजी दिखाई दे रही है। मंगलवार को विभागीय जांच दल छनेरा पहुंचा और समिति से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों की बारीकी से जांच शुरू की। टीम ने ऋण वितरण पंजिका, बैंक स्टेटमेंट, कैश बुक और पिछले वर्षों की ऑडिट रिपोर्ट का मिलान करते हुए उन बिंदुओं पर फोकस किया, जिनसे लंबे समय से चल रही वित्तीय अनियमितताओं की परतें खुल सकती हैं।

पिपलानी मऔर नहल्दा-रामेश्वर सोसाइटी में करोड़ रुपये के गबन ने जिले के ऑडिट सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हर साल ऑडिट होने और ‘ए’ व ‘बी’ ग्रेड मिलने के बावजूद अचानक करोड़ों का फर्जीवाड़ा सामने आना यह संकेत देता है कि निगरानी तंत्र या तो पूरी तरह विफल रहा या फिर ‘टेबल ऑडिट’ के जरिए सिर्फ कागजी खानापूर्ति होती रही। जानकारों का कहना है कि नियमों के अनुसार ऑडिटर को फील्ड पर जाकर भौतिक सत्यापन करना चाहिए, लेकिन कई मामलों में समिति प्रबंधकों द्वारा दिए गए दस्तावेजों के आधार पर ही बंद कमरे में रिपोर्ट तैयार कर दी गई।

एफआईआर दर्ज करने में हो रही लेटलतीफी और दोषियों को कथित रूप से मिल रहे समय को लेकर विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। किसानों और जमाकर्ताओं का कहना है कि अगर समय रहते ऑडिट में गड़बडिय़ां पकड़ी जातीं, तो करोड़ों रुपये का नुकसान टाला जा सकता था। सहकारिता अधिनियम में ऑडिटर की जवाबदेही तय करने का प्रावधान होने के बावजूद आज तक किसी ऑडिटर पर न तो एफआईआर हुई और न ही विभागीय जांच बैठाई गई, जिससे ऑडिट प्रक्रिया की निष्पक्षता पर संदेह गहराया है।इसी बीच भाजपा जिला अध्यक्ष राजपालसिंह तोमर ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि जांच में हो रही देरी और ऑडिटर की भूमिका गंभीर विषय है, जिसे लेकर वे कलेक्टर को अवगत कराते हुए शीघ्र जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे।

जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ऑडिट रिपोर्ट ‘मैनेज’ की जाती रही और क्या ‘टेबल ऑडिट’ घोटालेबाजों का सुरक्षा कवच बन गया था। अब नजर इस बात पर है कि जांच सिर्फ कागजों तक सीमित रहती है या जिम्मेदारों तक कार्रवाई भी पहुंचती है।

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