भोपाल। आज विधानसभा में मीडिया से चर्चा करते हुए सीएम डॉ मोहन यादव ने राज्य की वित्तीय मजबूती और विकास की रफ्तार को लेकर कई अहम आंकड़े पेश किए। उन्होंने पूंजीगत व्यय में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, दो अंकों की GSDP वृद्धि, प्रति व्यक्ति आय में उछाल और उद्योग-कृषि-सेवा क्षेत्र में हुए विस्तार को सरकार की नीतियों का परिणाम बताया।
डॉ यादव ने कहा कि सरकार के गठन के बाद से प्रदेश में पूंजीगत व्यय (Capex) में 46 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2023-24 में जहां पूंजीगत व्यय 56,539 करोड़ था, वहीं वर्ष 2025-26 में इसके बढ़कर 82,513 करोड़ पहुंचने का अनुमान है। यह वृद्धि अधोसंरचना निवेश, उद्योग विस्तार और रोजगार सृजन पर सरकार के फोकस को दर्शाती है।
उन्होंने तुलना करते हुए बताया कि वर्ष 2025-26 में कर्नाटक का अनुमानित पूंजीगत व्यय 71,336 करोड़ है, जबकि मध्यप्रदेश का आंकड़ा इससे अधिक रहने की संभावना है, जो राज्य की वित्तीय क्षमता को मजबूत संकेत देता है।
आर्थिक मोर्चे पर GSDP में लगातार दो वर्षों तक दो अंकों की वृद्धि को भी सरकार की उपलब्धि बताया गया। पहले वर्ष में 10 प्रतिशत से अधिक और दूसरे वर्ष में 11 प्रतिशत से अधिक अनुमानित वृद्धि के साथ कुल 22.56 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज होने का दावा किया गया।
प्रति व्यक्ति आय (PCI) में भी उल्लेखनीय उछाल दिखा है,वर्ष 2023-24 के 1,41,756 से बढ़कर वर्ष 2025-26 में 1,69,050 तक पहुंचने का अनुमान है, जो लगभग 19 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाता है।
कृषि क्षेत्र में भावांतर योजना के जरिए किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से सुरक्षा देने और उर्वरक वितरण के डिजिटलीकरण से पारदर्शिता बढ़ाने की बात कही गई। ऐप आधारित स्टॉक जांच, जीपीएस ट्रैकिंग और आधार लिंक्ड व्यवस्था से सही किसान तक समय पर खाद पहुंचने का दावा किया गया।
दाल उत्पादन लगभग 225 लाख टन पहुंचने और करीब 6 प्रतिशत वृद्धि से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की बात भी सामने आई। वहीं महिला दाल उत्पादक समूहों और लखपति दीदी पहल से ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को बल मिलने का उल्लेख किया गया।
सेवा क्षेत्र को राज्य की अर्थव्यवस्था का बड़ा स्तंभ बताते हुए कहा गया कि इसकी 37 प्रतिशत हिस्सेदारी है और पिछले वर्ष इसमें 15.8 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। पर्यटन, आईटी और वित्तीय सेवाओं को इसका प्रमुख आधार बताया गया, जिससे युवाओं के लिए रोजगार अवसर बढ़े हैं।
उद्योग क्षेत्र में 9.93 प्रतिशत वृद्धि, GIS-2025 के तहत लगभग ₹30 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव और उनमें से करीब 8.5 लाख करोड़ के धरातल पर उतरने का दावा किया गया। MSME और स्टार्टअप सेक्टर को लगभग 2,900 करोड़ की सहायता, 1,723 सक्रिय स्टार्टअप, 13.6 प्रतिशत कंपनी पूंजीकरण वृद्धि और करीब ₹600 करोड़ CSR व्यय का भी जिक्र किया गया।
सरकार के अनुसार अब तक 73,669 नई नौकरियों का सृजन हुआ है। भविष्य की दिशा पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने सेमीकंडक्टर और ड्रोन जैसी नई औद्योगिक नीतियों के जरिए वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने का लक्ष्य दोहराया।
