इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में बिहार ने किये 468 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के समझौते

नयी दिल्ली, 17 फरवरी (वार्ता) बिहार सरकार ने राजधानी दिल्ली में चल रहे इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दूसरे दिन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान पटना में 250 करोड़ रुपये के निवेश से एक रिसर्च पार्क की औपचारिक घोषणा की तथा इस संस्थान और कई कंपनियों के साथ कुल 468 करोड़ रुपये की परियोजनाओं और निवेश के लिए सहमति के करारों पर हस्ताक्षर किये। बिहार के माननीय उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भारत मंडपम में आयोजित इस वैश्विक आयोजन में बिहार राज्य मंडप का मंगलवार को उद्घाटन किया। इस अवसर पर केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय तथा मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कपड़ा मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने की। इस अवसर पर बिहार सरकार की सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्रेयसी सिंह, उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल तथा राज्यसभा सदस्य संजय कुमार झा भी उपस्थित थे। राज्य सरकार बिहार में विदेशी कंपनियों के वैश्विक सृजन क्षमता केंद्रों (जीसीसी) को भी आकर्षित कर रही है और इस दिशा में सम्मेलन के दौरान कई करार किये हैं। राज्य सरकार की ओर से मंगलवार को जारी एक विज्ञप्ति में बताया गया है कि कृत्रिम मेधा (एआई) के उभरते क्षेत्र पर केंद्रित इस पहल से राज्य में 10,000 से अधिक नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।

राजधानी के भारत मंडपम में 16-20 तक चलने वाले इस सम्मेलन में 100 से अधिक प्रौद्योगिकी कंपनियों के सीईओ तथा 135 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। विज्ञप्ति में कहा गया है कि बिहार के नवोन्मेषक सम्मेलन में वैश्विक कंपनियों के साथ सहयोग संबंध के लिए संवाद कर रहे हैं। इस दौरान बिहार सरकार ने कई प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों तथा आईआईटी पटना के साथ कुल 468 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
राज्य सरकार ने प्रदेश में नवाचार, प्रौद्योगिकी इनक्यूबेशन और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए बिहार एआई उत्कृष्टता केंद्र (एआई सीओई) की स्थापना हेतु 60 करोड़ रुपये की परियोजना के लिए तथा आईआईटी पटना में रिसर्च पार्क की स्थापना के लिए 250 करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर किये हैं। बिहार एआई सीओई की स्थापना टाइगर एनालिटिक्स के साथ मिल कर की जाएगी और आईआईटी पटना इसमें शैक्षणिक भागीदार होगा। बिहार ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) नीति -2026 और बिहार सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नीति 2024 के अंतर्गत रेड साइबर के साथ 103 करोड़ रुपये, ग्रोक्यूआर के साथ 30 करोड़ रुपये, सीआईपीएल के साथ 25 करोड़ रुपये के करार किये गये हैं। प्रमुख जीसीसी इकाइयों और आईटी इकाइयों के साथ भी समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
राज्य सरकार का कहना है कि इस पहल से प्रौद्योगिकी क्षेत्र में 10,000 से अधिक नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे तथा एआई-संबद्ध कार्यक्रमों के माध्यम से 50,000 से अधिक युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि बिहार सरकार ने हाल ही में बिहार जीसीसी नीति 2026 तथा बिहार सेमीकंडक्टर नीति 2026 को स्वीकृति प्रदान की है, जिसका उद्देश्य बिहार को पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के लिए एक वैश्विक प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में स्थापित करना है। भारत मंडपम में आयोजित बिहार सरकार के कार्यक्रमों में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, अपर मुख्य सचिव (सामान्य प्रशासन विभाग) बी. राजेंद्र, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, कृषि निदेशक सौरभ यादव, आईआईटी पटना के प्रोफेसर प्रीतम कुमार तथा निदेशक प्रोफेसर टी. एन. सिंह भी उपस्थित थे। बिहार पवेलियन भारत मंडपम के हॉल 5-एफ, स्टॉल संख्या 8 और 12 में स्थापित किया गया है।

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