नई दिल्ली, 06 जून (वार्ता) सार्वजनिक क्षेत्र की इस्पात उत्पादक कंपनी भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड (सेल) ने डिफेंस कस्टमर कॉन्क्लेव-2025 में रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता दी।
इस्पात मंत्रालय ने शुक्रवार को यहां बताया कि सेल ने 04 जून को दुर्गापुर स्थित अपने अलॉय स्टील्स प्लांट (एएसपी) में डिफेंस कस्टमर कॉन्क्लेव-2025 का आयोजन किया। यह आयोजन सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण और आयात प्रतिस्थापन को बल देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा।
इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (बीपीएसयू) के साथ सहयोग को बढ़ावा देना और रक्षा क्षेत्र की उभरती जरूरतों पर संवाद स्थापित करना था। कार्यक्रम में ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों सहित कई प्रमुख रक्षा संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
सेल के वाणिज्यिक निदेशक वी. एस. चक्रवर्ती और राउरकेला इस्पात संयंत्र एवं दुर्गापुर और बर्नपुर इस्पात संयंत्र के प्रभारी निदेशक आलोक वर्मा ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए रक्षा क्षेत्र के लिए सेल की रणनीतिक प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
कॉन्क्लेव में विशेष रूप से मैटेरियल स्पेसिफिकेशन में तालमेल, स्वदेशी तकनीक को अपनाना और प्रमुख रक्षा आवश्यकताओं की पूर्ति जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि सेल रक्षा क्षेत्र में एक विश्वसनीय और दीर्घकालिक रणनीतिक भागीदार के रूप में अपनी भूमिका को और सुदृढ़ करेगा।
सेल ने स्पष्ट किया कि वह रक्षा उत्पादन में बढ़ी हुई आपूर्ति क्षमता और स्वदेशी इस्पात समाधान प्रदान कर देश की रक्षा आत्मनिर्भरता को गति देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
