जबलपुर: शिवपुरी में अधिवक्ता संजय सक्सेना की गोली मारकर की गई हत्या के विरोध में सोमवार को पूरे प्रदेश के वकीलों ने प्रतिवाद दिवस मनाकर प्रदेश सरकार से एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की माँग की है। वकीलों ने कहा है कि यदि सरकार 7 दिनों के भीतर एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट नहीं लाती तो भोपाल जाकर मुख्यमंत्री के आवास का घेराव किया जाएगा। स्टेट बार काउंसिल के आह्वान पर सोमवार को मनाये गए प्रतिवाद दिवस के दौरान अदालत परिसरों में सन्नाटा दिखाई दिया।
अदालतों में सिर्फ उन मामलों पर सुनवाई हुई जिसमे पक्षकार हाजिर हुए। हालाँकि अधिकाँश मामलों की सुनवाई बढ़ा दी गईं। इधर जबलपुर में वकीलों ने मुख्यमंत्री के नाम का एक ज्ञापन भी सौंपा।गौरतलब है कि बीते शनिवार को शिवपुरी के अधिवक्ता संजय सक्सेना की हत्या उस वक्त की गई, जब वो यूनिफार्म में अपने घर से कोर्ट जा रहे थे। इस हत्या के विरोध में स्टेट बार काउंसिलए मप्र हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, जिला बार एसोसिएशन और हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार के आह्वान पर पूरे प्रदेश के करीब सवा लाख अधिवक्ताओं ने प्रतिवाद दिवस मनाकर अपना विरोध जताया।
कई साल से छले जा रहे वकील
मप्र स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष राधेलाल गुप्ताए वाईस चेयरमैन आरके सिंह सैनी, मप्र हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष डीके जैन, जिला बार के अध्यक्ष मनीष मिश्रा और हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार के अध्यक्ष संजय अग्रवाल का कहना है कि प्रोटेक्शन एक्ट के नाम पर वकीलों को पिछले कई सालों से छला जा रहा है। भोपाल में अधिवक्ताओं की महापंचायत का आयोजन कर एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की बात कही गई और फिर कैबिनेट ने उसकी मंजूरी तो दी, लेकिन अधिसूचना अब तक जारी नहीं की गई। इस संबंध में परिषद के अध्यक्ष राधेलाल गुप्ता, वाईस चेयरमेन आरके सिंह सैनी, मनीष तिवारी, राजेश शुक्ला, राजेश पाण्डेय, शिवेन्द्र उपाध्याय, जितेन्द्र शर्मा, दिनेश नारायण पाठक, जय प्रकाश मिश्रा, विजय कुमार चौधरी, सुनील गुप्ता, विवेक सिंह द्वारा प्रदेश के समस्त अधिवक्तागणों को धन्यवाद दिया गया।
वकीलों ने मुख्यमंत्री से कीं ये मांगें
भारी संख्या में वकील सोमवार की दोपहर को रैली के रूप में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। हाईकोर्ट वार के अध्यक्ष डीके जैनए जिला बार के अध्यक्ष मनीष मिश्रा और हाईकोर्ट बार के सचिव परितोष त्रिवेदी के नेतृत्व में वकीलों ने मुख्यमंत्री के नाम का एक ज्ञापन जिला कलेक्टर राघवेंद्र सिंह को सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि शिवपुरी के अधिवक्ता स्व. संजय सक्सेना के परिवार को सरकार से एक करोड़ रूपए का मुआवजा के साथ उनके आश्रित को सरकारी नौकरी बतौर मुआवजा दे। इसके अलावा हत्या के आरोपियों पर कठोर कार्रवाई की जाए और एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट जल्द से जल्द लागू किया जाए। वहीं एसबीसी ने मांग की है कि एडवोकेट प्रोटेक्शन तत्काल लागू किया जाये, साथ ही अधिवक्ताओं के साथ शासकीय कार्यालयों व पुलिस विभाग में सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने स्पष्ट आचार संहिता बनाई जाये। मृत्यू दावा राशि एक लाख से बढ़ाकर ढाई लाख रुपये की जाये। नवीन अधिवक्ताओं को दी जाने वाली सहायता राशि को बारह हजार से बढ़ाकर पच्चीस हजार रुपये की जाये।
संवैधानिक स्तंभ पर आघात: जूलॉ
शिवपुरी नगर में एक अधिवक्ता की नृशंस हत्या की घटना ने सम्पूर्ण प्रदेश के विधिक जगत और बुद्धिजीवी समाज को झकझोर कर रख दिया है। इसी घटना के परिप्रेक्ष्य में जूनियर लॉयर्स एसोसिएशन (जूला) के अधिवक्ताओं ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन प्रेषित किया है। जिसमें अधिवक्ताओं और पत्रकारों की सुरक्षा के प्रति राज्य सरकार की उदासीनता पर गहरी चिन्ता व्यक्त की गई है। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि अधिवक्ताओं और पत्रकारों पर हो रहे बढ़ते हमलों के परिप्रेक्ष्य में राज्य सरकार का मौन इन संवैधानिक स्तंभों को आघात पहुँचाने के समान है। राज्य का मौन हमेशा व्याख्याओं को जन्म देता है। यहाँ मौन असहमति का नहीं, अस्वीकार का है। ज्ञापन में मांग की गई है कि राज्य सरकार तत्काल एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट तथा पत्रकार प्रोटेक्शन एक्ट लागू करें, जिससे इन वर्गों को विधिक संरक्षण प्रदान किया जा सके। उक्त ज्ञापन अधिवक्तागण आशीष त्रिवेदी, असीम त्रिवेदी, प्रशांत अवस्थी, पंकज तिवारी, आशीष कुमार तिवारी, आनंद शुक्ला, शुभम पाटकर सहित बड़ी संख्या में अधिवक्तागण उपस्थित थे।
