
ब्यावरा। स्थानीय शासकीय कॉलेज परिसर में निर्मित नवीन भवन के ऊपरी तल पर भी निर्माण कार्य चल रहा है. ऊपरी तल पर 3 करोड़ से अधिक की लागत से कक्ष, स्टॉफ रुम आदि बनाएं जाएंगे. इससे अध्यापन कार्य में सुविधा हो सकेगी किंतु शासकीय कॉलेज में स्थाई स्टॉफ की संख्या आधे से भी कम होने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई अवश्य प्रभावित हो रही है.
विदित है कि स्थानीय राजगढ़ रोड पर शासकीय कॉलेज में कुछ माह पूर्व नवीन भवन बनकर तैयार हुआ है जिसमें कक्षाएं संचालित की जाती है. अब इस भवन के ऊपरी तल पर भी 3 करोड़ 14 लाख की लागत से बनने वाले भवन का निर्माण कार्य चल रहा है.
6 कक्ष, 2 स्टॉफ रुम बनेंगे
कॉलेज के पुराने गेट से प्रवेश करते समय पुराने भवन के समीप मौजूद नवीन भवन के ऊपरी तल पर 6 कक्ष और 2 स्टॉफ रुम तथा लेटबॉथ आदि का निर्माण किया जा रहा है. कक्ष बनने से अध्यापन कार्य में काफी सुविधा अवश्य होगी किंतु स्टॉफ की कमी के चलते मुख्य पढ़ाई कार्य पर इसका असर हो रहा है.
स्थाई स्टॉफ 28 में से मात्र 13 ही
शासकीय कॉलेज में विभिन्न विषयों के लिए 28 प्रोफेसर के पद स्वीकृत है जिनमें वर्तमान में 13 ही पद भरे हुए है. शेष 15 पद रिक्त है जिनमें से 14 पर अतिथि विद्वान है. जूलॉजी विषय में पद अभी रिक्त ही है. ऐसे में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होना स्वाभाविक है. शासन द्वारा भले ही एक तरफ लाखों, करोड़ों की लागत से भवन, संसाधन, सुविधाएं प्रदान की जा रही है परन्तु जब पढ़ाने वालों की ही कमी होगी तो फिर सुचारु अध्यापन कैसे संभव होगा.
स्टॉफ की कमी से बराबर करा रहे अवगत
शासकीय कॉलेज में स्वीकृत स्थाई पदों में लगभग आधे पद रिक्त है, कॉलेज प्रबंधन द्वारा योग्यता रखने वाले अतिथि विद्वानों को रखा गया है जिनके द्वारा बेहतर तरीके से अध्यापन कार्य कराया जा रहा है किंतु स्थाई स्टॉफ की कमी का असर कहीं न कहीं शैक्षणिक कार्य पर होना स्वाभाविक है. कॉलेज प्रबंधन के अनुसार स्टॉफ की कमी को लेकर समय-समय पर वरिष्ठ कार्यालय को अवगत कराया जा रहा है,
प्राचार्य आर.के. गुप्ता के अनुसार लगभग 3.14 करोड़ की लागत से शासकीय कॉलेज के नवीन भवन के ऊपरी तल पर निर्माण कार्य चल रहा है. कक्ष निर्माण होने से अध्यापन कार्य में सुविधा होगी. स्थाई स्टॉफ के रिक्त पदों पर अतिथि विद्वानों को रखा गया है. जिनके द्वारा अध्यापन कार्य कराया जा रहा है.
