सतना: संतों की तपोभूमि बागेश्वर धाम में आस्था, परंपरा और सामाजिक समरसता का अद्भुत दृश्य उस समय देखने को मिला, जब भव्य सप्तम कन्या विवाह महोत्सव का आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर 305 निर्धन एवं जरूरतमंद बेटियों का विधि-विधान से पाणिग्रहण संस्कार संपन्न हुआ, जिसके साक्षी देशभर से आए लाखों श्रद्धालु बने। एक ही मंडप के नीचे सैकड़ों बेटियों का विवाह भारतीय सनातन संस्कृति, सेवा भाव और सामाजिक उत्तरदायित्व का जीवंत उदाहरण बन गया।
इस ऐतिहासिक आयोजन में सहभागिता के लिए गणेश सिंह बागेश्वर धाम पहुंचे। धाम आगमन पर उन्होंने सर्वप्रथम पूज्य संतों का सान्निध्य प्राप्त कर आशीर्वाद लिया। इसके पश्चात सांसद ने सामूहिक विवाह समारोह का अवलोकन किया और नवदंपतियों को सुखी, समृद्ध और संस्कारयुक्त दांपत्य जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल विवाह का कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़ी बेटियों के जीवन में खुशियों का उजास भरने का विराट संकल्प है।
सांसद गणेश सिंह ने राजदूतो से आत्मीय मुलाकात कर भारतीय संस्कृति और परंपराओं के वैश्विक प्रभाव पर चर्चा की। बागेश्वर धाम से उठी यह सकारात्मक पहल न केवल भारतीय समाज को, बल्कि सम्पूर्ण विश्व को सनातन मूल्यों, सेवा और समरसता का संदेश दे रही है। सांसद गणेश सिंह ने इस पुनीत आयोजन के लिए आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके द्वारा किया जा रहा यह लोक-कल्याणकारी कार्य समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। एक ही मंच से सैकड़ों बेटियों का विवाह कराना, उन्हें गृहस्थी की आवश्यक सामग्री भेंट करना और सम्मान के साथ विदा करना सनातन संस्कृति के मूल्यों की सशक्त प्रस्तुति है। यह आयोजन अब केवल राष्ट्रीय नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक उदाहरण बन चुका है। सांसद ने अर्जेंटीना, चिली, पेरू, उरुग्वे, कोलंबिया, पनामा, सूरीनाम और पराग्वे सहित आठ देशों के राजदूतों से भी मुलाकात की।
