वीबीजी रामजी सम्मेलन रैगांव विधानसभा में आयोजित

सतना: विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन के अंतर्गत ग्रामीण वीबीजी राम विधानसभा सम्मेलन रैंगांव को संबोधित करते हुए सांसद गणेश सिंह ने संसद की परंपराओं, विपक्ष की भूमिका और वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बजट सत्र की शुरुआत होती है, तब से एक स्थापित परंपरा रही है कि राष्ट्रपति संसद के दोनों सदनों की संयुक्त रूप से संबोधित करते हैं।

अभिभाषण में सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख और भविष्य की योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत करते है। इसके बाद संसद की ओर से धन्यवाद प्रस्ताव लाया जाता है, जिसे सत्ता और विपक्ष दोनों मिलकर आदरपूर्वक पारित करते आए हैं। गणेश सिंह ने कहा कि वे स्वयं विपक्ष में भी रहे हैं और सत्ता पक्ष में भी, लेकिन कभी ऐसी स्थिति नहीं आई जब राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव बिना बहस और चर्चा के पारित करना पड़ा हो।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के व्यवहार के कारण सदन सुचारू रूप से नहीं चल पाया। उन्होंने कहा कि एक अप्रकाशित किताब का हवाला देते हुए जिस तरह से सदन में हंगामा किया गया, वह एक जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति को शोभा नहीं देता। सांसद ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का पद लोकतंत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, लेकिन इस पद की गरिमा के अनुरूप आचरण नहीं किया गया। परिणामस्वरूप, देश के इतिहास में पहली बार राष्ट्रपति के प्रति धन्यवाद प्रस्ताव बिना किसी सार्थक बहस के पारित करना पड़ा।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष को यह स्पष्ट नहीं है कि वह देश को किस दिशा में ले जाना चाहता है। सांसद ने कहा कि विदेश दौरों पर जाकर भारत के लोकतंत्र की आलोचना करना और यह कहना कि देश में लोकतंत्र समाप्त हो गया है, न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि राष्ट्र की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला भी है। उन्होंने राम मंदिर के मुद्दे पर विपक्ष को घेरते हुए कहा कि राम मंदिर निर्माण के बाद भी राहुल गांधी अयोध्या नहीं गए और पहले इसके निर्माण को रोकने के प्रयास किए गए।

उन्होंने आरोप लगाया कि एक सोच के तहत राम और भारतीय संस्कृति से जुड़े इतिहास को मिटाने की कोशिशें होती रही हैं, जैसा कि अतीत में आक्रांताओं द्वारा किया गया था। उन्होंने कहा कि अब देश का माहौल बदल रहा है और चर्चा की दिशा भी अलग हो चुकी है। ऐसे समय में केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बोलने से काम नहीं चलेगा। न ही केवल मंत्री, जिला अध्यक्ष या सांसदों के बयान पर्याप्त होंगे। गणेश सिंह ने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव, मोहल्लों में, चाय-पान की दुकानों और अपनी प्राथमिक इकाइयों में जाकर पार्टी का पक्ष मजबूती से रखें। उन्होंने कहा कि हर कार्यकर्ता को सजग रहकर समाज के बीच संवाद स्थापित करना होगा, तभी सही मायनों में देश और प्रदेश की दिशा को मजबूत किया जा सकेगा।

ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी, जिलाध्यक्ष भगवती पाण्डेय, कृष्णा पाण्डेय, सचिन प्रताप सिंह, मुरारी सोनी, यशवन्त पाण्डेय, सुभाष बुनकर, आकांक्षा सिंह, अजय द्विवेदी, विष्णु पाण्डेय, सुखवन्ती कोरी, परशुराम गुप्ता, रामबाबू त्रिपाठी, अतुल सिंह, अरूण सिंह, हीरामणी सिंह, भूपेश पाण्डेय सहित अन्य मौजूद रहे

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