महू: बड़गोंदा थाना क्षेत्र के थवलाय गांव में एक किराए के मकान में अवैध एमडी ड्रग (मेफेड्रोन) बनाने की लैब का भंडाफोड़ हुआ है. शुरुआती जानकारी के अनुसार, मौके से लगभग 8 किलोग्राम एमडी ड्रग बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 1.50 करोड़ रुपए बताई जा रही है.यह कार्रवाई सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (सीबीएन) की 20 सदस्यीय टीम ने की. पुलिस सूत्रों के अनुसार, मंदसौर में पकड़े गए दो आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर टीम शनिवार सुबह थवलाय पहुंची. मकान को चारों ओर से घेरकर दबिश दी गई, जहां तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में केमिकल, लैब उपकरण और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद हुई.
काम करने का बहाना बनाकर किराए पर लिया कमरा प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी ने औद्योगिक क्षेत्र में काम करने का बहाना बनाकर मकान किराए पर लिया था, ताकि उसकी गतिविधियों पर किसी का ध्यान न जाए. इस लैब में केमिकल का इस्तेमाल कर एमडी ड्रग तैयार की जा रही थी, जिसे प्रदेश सहित अन्य राज्यों में सप्लाई करने की योजना थी.
हर पहलू से मामले की जांच कर रही है टीम जांच एजेंसियां अब कच्चे माल की आपूर्ति श्रृंखला, तैयार माल के वितरण नेटवर्क और आर्थिक लेन-देन की कड़ियों की जांच कर रही हैं. अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं. हालांकि, जांच एजेंसी सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स ने अभी तक मीडिया को इस मामले में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है. यह भी स्पष्ट नहीं है कि 8 किलोग्राम एमडी ड्रग थवलाय से जब्त हुई है या यह पिछली मंदसौर गिरफ्तारी से संबंधित है
