
छतरपुर। केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में आंदोलन के दौरान गिरफ्तार सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर को चार दिन बाद रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद उन्होंने प्रभावित गांवों का दौरा कर ग्रामीणों और आदिवासी महिलाओं से मुलाकात की तथा उनकी समस्याएं सुनीं।
वह कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और पार्थ जैसवाल से मुलाकात कर एक आवेदन सौंपा। आवेदन में परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, पारदर्शी प्रक्रिया और कानूनसम्मत कार्रवाई की मांग रखी गई है।
मुलाकात के बाद अमित भटनागर ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि ग्रामीणों और आदिवासी समुदाय के अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन पारदर्शी और नियमों के अनुरूप प्रक्रिया अपनाता है तो आंदोलन सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेगा।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि जमीनी स्तर पर वादों और कार्रवाई में अंतर दिखाई देता है, तो प्रभावित लोग लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
