गोरखपुर 14 फरवरी (वार्ता) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी मामले में जांच के दौरान यदि गलत रिपोर्ट लगाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए।
योगी ने शनिवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन के दौरान लोगों की समस्याएं सुनते हुए प्रशासन व पुलिस के अफसरों को निर्देश दिया कि हर मामले का निष्पक्ष जांच करके ही उसका निस्तारण होना चाहिए। किसी भी प्रकरण में लापरवाही या शिथिलता अक्षम्य होगी।
गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 150 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। योगी ने सभी को आश्वस्त किया कि किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। हर समस्या का वह प्रभावी निस्तारण कराएंगे। इसे लेकर उन्होंने प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों को मौके पर ही दो टूक समझाया कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें।
जनता दर्शन में कुछ मामले ऐसे भी आए थे जिनमें यह शिकायत की गई कि प्रकरण में गलत रिपोर्ट लगा दी गई है। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पता लगाकर गलत रिपोर्ट लगाने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों की मदद में शिथिलता या लापरवाही कतई नहीं होनी चाहिए। जनता की समस्याओं के समाधान में किसी तरह की हीलाहवाली हुई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी तय है। किसी पीड़ित की समस्या के समाधान में अगर कहीं भी कोई दिक्कत आ रही है तो उसका पता लगाकर निराकरण कराया जाए और किसी स्तर पर जानबूझकर कर प्रकरण को लंबित रखा गया है तो संबंधित के खिलाफ की कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने जमीन कब्जाने की शिकायतों पर विधि सम्मत कठोर कदम उठाने का निर्देश दिया।
जनता दर्शन में हर बार की तरह इस बार भी जनता दर्शन में कुछ लोग इलाज में आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। इस पर योगी ने अधिकारियों से कहा कि जल्द से जल्द अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया पूर्ण कराकर शासन को उपलब्ध करा दें। इलाज के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पर्याप्त मदद की जाएगी। जनता दर्शन में परिजनों के साथ आए बच्चों को प्यार.दुलारकर सीएम योगी ने उन्हें चॉकलेट दिया और खूब पढ़ने के लिए प्रेरित किया।
गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान शनिवार सुबह मुख्यमंत्री योगी की दिनचर्या परंपरागत रही। गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने तथा अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा समक्ष शीश झुकाने के बाद वह मंदिर परिसर के भ्रमण पर निकले। मंदिर की गोशाला में पहुंचकर उन्होंने गोसेवा की। गायों और गोवंश को स्नेहिल भाव से अपने हाथों से गुड़ खिलाया।
