ग्वालियर: समाजसेवी नीति चड्ढा की अचानक हुई मौत के बाद उनकी इच्छा के अनुसार सिर्फ इस कारण उनके अंगदान नहीं कराये जा सके क्योंकि ग्वालियर में अंगदान की प्रक्रिया को पूर्ण करने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को जब इससे अवगत कराया गया तो उन्होंने भी इस बात पर आश्चर्य प्रकट किया है कि ग्वालियर जैसे महानगर के मेडिकल कॉलेज में अंगदान की व्यवस्था नहीं है।
ग्वालियर के पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष राज चड्ढा की पत्नी श्रीमती नीति चड्ढा का आकस्मिक निधन हो गया, चूंकि निति चड्ढा की अंतिम इच्छा थी कि मृत्यु उपरांत उनके अंगों को दान कर दिया जाए जिससे मृत्यु उपरांत भी अनेक लोगों का जीवन बचाया जा सके। इसके लिए उनके पति राज चड्ढा ने जब मेडिकल कॉलेज सम्पर्क किया तो पता चला कि अंगदान प्रक्रिया से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाएं ग्वालियर में उपलब्ध नहीं हैं। बाद में उनकी इच्छा को पूर्ण किए बिना ही अंतिम संस्कार किया गया।
इसको लेकर व्यथित राज चड्ढा ने पहले कलेक्टर रुचिका चौहान से आपत्ति दर्ज कराई और विगत दिवस जब मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने दूरभाष पर श्रीमती नीति चड्ढा के निधन पर संवेदना प्रकट की और पूरी घटना की विस्तार से जानकारी प्राप्त की तब चड्डा ने उन्हें बताया कि ग्वालियर में अंगदान की कोई व्यवस्था नहीं है जिस कारण पत्नी की अंतिम इच्छा पूर्ण न कर सके। यह घटनाक्रम सुनकर मुख्यमंत्री ने इस पर आश्चर्य प्रकट किया कि ग्वालियर जैसे महानगर के मेडिकल कॉलेज में अंगदान की व्यवस्था नहीं है। मुख्यमंत्री ने ऐसी व्यवस्था शीघ्र प्रारंभ करने का आश्वासन भी दिया।
