एमबीए छात्रा की नृशंस हत्या से हड़कंप, क्लासमेट के कमरे में मिला निर्वस्त्र छात्रा का शव

इंदौर। एक होनहार एमबीए छात्रा की बेरहमी से हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। 25 वर्षीय युवती का शव उसके ही क्लासमेट के किराए के कमरे में निर्वस्त्र अवस्था में बरामद हुआ। कमरे के बाहर ताला लगा था और भीतर से बदबू आने पर पुलिस ने जब दरवाजा खुलवाया तो भीतर का मंजर देखकर हर कोई सन्न रह गया। युवती तीन दिनों से लापता थी, जबकि आरोपी युवक घटना के बाद से फरार है।

एसीपी शिवेन्द्र जोशी ने बताया कि वारदात द्वारकापुरी थाना क्षेत्र की अंकल गली की है। जिस कमरे से शव मिला, वह मंदसौर निवासी पीयूष धामनोदिया ने किराए पर ले रखा था। मृतका और आरोपी दोनों सांवेर रोड स्थित एक निजी संस्थान से एमबीए सेकेंड सेमेस्टर की पढ़ाई कर रहे थे। सूचना मिलते ही एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस ने आरोपी की तलाश में अलग-अलग टीमें रवाना कर दी हैं, वहीं आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक 10 फरवरी को युवती अपने पिता के साथ आधार कार्ड में सुधार कराने की बात कहकर घर से निकली थी। पिता ने उसे कलेक्टोरेट के पास छोड़ा था। वहां से उसने छोटी बहन को फोन कर बताया कि वह अपने क्लासमेट पीयूष के साथ बर्थडे पार्टी में जा रही है और रात 11 बजे तक लौट आएगी। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। अगले दिन कॉलेज प्रबंधन ने युवती के पिता को बुलाकर बताया कि कॉलेज के व्हाट्सएप ग्रुप में छात्रा के मोबाइल से एक आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट किया गया है और दोनों छात्रों के फोन बंद आ रहे हैं। इसके बाद परिजन थानों के चक्कर काटते रहे और देर रात गुमशुदगी की एफआईआर दर्ज कराई गई। परिजनों का आरोप है कि 12 फरवरी को पूरे दिन तलाश के बावजूद पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई और टालमटोल करती रही। परिवार की आशंका पर एक पुलिसकर्मी आरोपी के कमरे तक पहुंचा भी, लेकिन बाहर से ताला लगा देखकर मकान मालिक को सूचना देने की बात कहकर लौट आया। शुक्रवार को जब उसी कमरे से तेज बदबू आने की शिकायत मिली तो द्वारकापुरी पुलिस मौके पर पहुंची। ताला तोड़कर भीतर घुसी पुलिस को युवती का शव पड़ा मिला। पिता ने बेटी की पहचान उसके मोजों से की। मृतका के पिता का कहना है कि उनकी बेटी को पहले मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, उसे ब्लैकमेल किया गया और फिर बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोपी ने जानबूझकर वीडियो वायरल कर उसकी सामाजिक छवि खराब करने की साजिश रची।

संभावित ठिकानों पर दबिश : अग्रवाल

मामले में एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल ने बताया कि आरोपी के पिता घनश्याम मंदसौर में किराना दुकान चलाते हैं। पीयूष पढ़ाई के सिलसिले में इंदौर में रह रहा था और वारदात के बाद से फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। फिलहाल पुलिस ने हत्या, ब्लैकमेलिंग और आईटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कर मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल और सोशल मीडिया गतिविधियों की गहन जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के कारणों को लेकर तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।

आपत्तिजनक वीडियो से खुली साजिश की परतें

घटना से जुड़ा सबसे चौंकाने वाला पहलू 10 फरवरी की रात सामने आया, जब कॉलेज के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप पर छात्रा के मोबाइल फोन से एक आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट किया गया। वीडियो में युवक का चेहरा इमोजी से ढंका हुआ था, जबकि युवती का चेहरा साफ नजर आ रहा था।

परिजनों का आरोप है कि आरोपी ने छात्रा के मोबाइल का इस्तेमाल कर उसके स्टेटस पर भी वीडियो लगाए और फोन में सेव नंबरों पर भेजकर उसे बदनाम करने की साजिश रची थी। यही ब्लैकमेलिंग अंततः उसकी हत्या की वजह बनी।

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