
शहडोल। शहडोल जिले के सोहागपुर में कोयला माफिया के लोगों द्वारा वन विभाग की टीम पर हमले का मामला सामने आया है, जिस टीम में स्थानीय रेंजर भी शामिल थे।
मामले ने राजनीतिक तौर पर भी तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस ने इस प्रकरण को लेकर सरकार से जवाब मांगा है।
सूत्रों के अनुसार सोहागपुर थाने के बरखेड़ा गाँव के पास बुधवार देर रात वन क्षेत्र से चोरी हो रहे कोयला और रेत को रोकने के लिए जब वन विभाग का अमला मौके पर गया तो मौके पर माफिया के लोग ट्रेक्टर से रेत गिराकर ट्रेक्टर लेकर फरार हो गए। बाद में जब वनकर्मी वापस आ रहे थे तो माफिया के लोगों ने उनके साथ मारपीट की।
बताया जा रहा है कि माफिया के लोगों ने टीम पर हमला किया, जिसके बाद महिला डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर भी वहां पहुंची। उनके पहुंचने पर कोयला माफिया के लोगों ने उनके साथ भी अभद्रता की। वनकर्मियों द्वारा पुलिस में की गई शिकायत के बाद आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया गया है।
इसी बीच महिला डीएफओ श्रद्धा पंद्रे ने इस संबंध में संवाददाताओं से कहा कि उनकी टीम कोयला खनन की सूचना मिलने पर कार्रवाई के लिए गई थी। इसी बीच बहुत से लोग वहां पहुंच गए और वनकर्मियों के साथ अभद्रता की। एक वनकर्मी की वर्दी फाड़ने की भी जानकारी सामने आई है।
इस प्रकरण को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपने बयान में कहा कि मध्यप्रदेश में अब भाजपा का नहीं, माफिया का राज चल रहा है। कोयला माफिया पुलिस के संरक्षण में अवैध कोयला निकालकर बेख़ौफ़ तस्करी कर रहे हैं। शहडोल में प्रशासन स्वच्छ पानी मांगने पर लोगों पर लाठी चलाता है और जानलेवा हमला करने वाले माफिया को संरक्षण देता है। यह मध्यप्रदेश की लचर कानून व्यवस्था का आईना है।
