चार श्रम कानून का पुरजोर विरोध, शहर की निर्माणियों में हुई जमकर नारेबाजी

जबलपुर। श्रम कानून में परिवर्तन के विरोध में गुरूवार को की गई राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर जबलपुर में भी देखने को मिला जहां शहर में स्थित आयुध निर्माणियों में कार्यरत ऑल इंडिया डिफेंस एम्पलाइज फेडरेशन से संबंद्ध यूनियनों ने हड़ताल के समर्थन में एक घंटे विलंब से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। वहीं इंटक के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने लंच का बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। इस हड़ताल के कारण बैंक, बीमा, सामान्य बीमा, राज्य, केंद्र, बीएसएनएल, आयकर, पोस्ट ऑफिस, कोयला, भवन निर्माण, सार्वजनिक उपक्रमों, अन्य संस्थानों में कामकाज प्रभावित रहा है। जानकारी के अनुसार आयुध निर्माणी खमरिया (ओएफके), गन कैरिज फैक्टरी (जीसीएफ), आयुध निर्माणी जबलपुर में सुबह एआईडीईएफ के आव्हान पर कर्मचारियों ने गेट मीटिंग कर जमकर नारेबाजी की। वहीं सुरक्षा कर्मचारी यूनियन खमरिया ने राष्ट्रीय व्यापी हड़ताल का समर्थन करते हुए द्वार क्रमांक 1 के सामने दोपहर 12.30 बजे से लंच का वहिष्कार किया।

जानकारी के अनुसार गुरूवार को देशभर के 10 केंद्रीय श्रम संगठनों जैसे इंटक, एआईडीईएफ, एयूटीयूसी, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, यूसीसी, सेवा, एआईसीसीटीयू, एलपीएफ, यूटीयूसी एवं सैकड़ों स्वतंत्र ट्रेड यूनियनों के आव्हान पर 25 करोड़ कामगार एवं अधिकारी केंद्र सरकार द्वारा 29 मौजूदा श्रम कानूनों के स्थान पर लागू किए गए 4 नए श्रम संहिताओं और मजदूर वर्ग पर बढ़ते हमलों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर हैं।

बैंक कर्मियों ने भी किया विरोध प्रदर्शन

देश व्यापी हड़ताल को समर्थन देते हुए मप्र बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन ने भी सिविक सेंटर में एकत्रित होकर अपनी यूनियनों के बैनर तले प्रदर्शन किया। इस अवसर पर एसोसिएशन के सचिव संतोष गुप्ता ने कहा कि नई श्रम संहिताओं और श्रम नीतियों के माध्यम से मजदूरों द्वारा वर्षों से अर्जित अधिकारों को छीनने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं यूनियनों से हड़ताल का अधिकार छीना जा रहा है। विदित हो कि बैंक कर्मचारी भी सप्ताह में पांच दिन काम करने की मांग पिछले लंबे समय से करते आ रहे हैं।

ये है मुख्य मांगें

केंद्रीय ट्रेड यूनियन और किसानों द्वारा की जा रही आम हड़ताल का डिफेंस कर्मियों ने गुरूवार को समर्थन किया। जिसका नतीजा था कि आयुध निर्माणियों में सुबह से ही सैंकड़ो कर्मचारियों का तांता लगा था। लेकिन यह निर्माणी में प्रवेश करने के लिए नहीं बल्कि 1 घंटे देरी से उपस्थिति दर्ज करा कर केंद्रीय ट्रेड यूनियन द्वारा की जा रही आम हड़ताल को समर्थन देना था । विदित हो कि श्रम कानून विरोध का मुख्य मुद्दा था । 1 अप्रैल से सरकार द्वारा इस श्रम कानून को जारी करने जा रहा है जिसके विरोध के लिए कर्मचारी लामबंद हो चुके हैं। जानकारी के अनुसार कर्मचारियों की मुख्य मांगों में चार श्रम कानून को निरस्त करना, ओल्ड पेंशन स्कीम की बहाली करना, रिक्त पड़े पदों को भरना, निगमीकरण को निरस्त करना, अनुकंपा नियुक्ति शत प्रतिशत प्रदान करना शामिल है। गुरूवार को जीसीएफ निर्माणी के मुख्य द्वार पर सैंकड़ो की तादाद में कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित हुए । जिन्होनें लेबर कोड के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

बताया कर्मचारी विरोधी

कर्मचारियों का कहना है कि चार श्रम कानून पूरी तरह से कर्मचारी विरोधी है। ये कानून पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने एवं कर्मचारियों के शोषण के लिए बना है और साथ ही प्रशासन और कर्मचारियों के बीच औद्योगिक विवाद को खत्म करने के लिए बने ट्रेड यूनियन एक्ट को खत्म करने की साजिश है। कर्मचारियों ने ये भी कहा कि इस कानून के लागू होते ही प्रशासन द्वारा कर्मचारियों पर मनमानी फैसला लेने के अधिकार प्राप्त हो जाएंगे । जीसीएफ में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता विनय गुप्ता ,रोहित यादव ने की। इस मौके पर उत्तम विश्वास ,राजा पांडे ,अमित चंदेल, बीरबल सिंह ,आशीष विश्वकर्मा ,राहुल गुप्ता, पार्थ ओझा ,देवेंद्र प्रताप, रितेश बेन, विवेक शुक्ला, सहित मजदूर संघ हथौड़ा के अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

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