जबलपुर: केन्द्र एवं राज्य सरकार के कर्मचारियों ने लेबर कानूनों में हालिया संशोधनों के विरोध में व्यापक आंदोलन शुरू कर दिया है। केन्द्रीय श्रम संगठनों द्वारा आयोजित एक दिवसीय हड़ताल के समर्थन में ऑल इंडिया डिफेंस इम्प्लाइज फेडरेशन ने चार दिवसीय विरोध प्रदर्शन किया। फेडरेशन के संगठन मंत्री अर्नब दास गुप्ता ने बताया कि संशोधित कानून पूरी तरह से मजदूर विरोधी हैं।
उनका कहना है कि कार्य के घंटे 8 से बढ़ाकर 12 घंटे किए जा रहे हैं, स्थायी नियुक्ति खत्म हो रही है, न्यूनतम वेतन सुनिश्चित नहीं, महिला कर्मचारियों के बाल्य देखभाल अवकाश में कटौती और रात्रि पाली में काम की व्यवस्था अनुचित है। ओ.एफ.के. लेबर यूनियन ने भी आंदोलन में सक्रिय भागीदारी दिखाई। विरोध स्वरूप कर्मचारी बैज धारण, नारेबाजी, लंच बहिष्कार, द्वार सभा और 12 फरवरी को निर्माणी में 1 घंटे देरी से प्रवेश करेंगे।
यूनियन नेताओं पुष्पेन्द्र सिंह, सुकेश दूबे, सुरेश कन्ना, सीमेन्द्र रजक, हरीश चौबे, दिनेश नामदेव, राकेश जायसवाल, दीपक ठाकुर, आशीष श्रीवास्तव, शरद अलवल, संजीव कुमार, निर्भय पटेल, प्रभात रंजन, मोहन मीना, राजू कुमार, गौतम शर्मा, प्रदीप गुप्ता, सुमित सोनकर, पवन पटेल, प्रमोद यादव, कमल नायक, वीरेन्द्र पटेल, अनिल अग्रवाल, विमल महावर, प्रियंका ठाकुर, रोहित सेठ, खुशबु, तुलसा ने कर्मचारियों से आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की अपील की है।
