इज़रायली राष्ट्रपति की यात्रा के विरोध में सिडनी में झड़प, पुलिस ने कार्रवाई का किया बचाव

सिडनी, 10 फरवरी (वार्ता) ऑस्ट्रेलिया में इज़रायली राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग की यात्रा के विरोध में आयोजित प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हो गयी। सिडनी में सोमवार रात हुये इस विरोध प्रदर्शन में पुलिस द्वारा बल प्रयोग किये जाने के वीडियो सामने आने के बाद विवाद गहराता जा रहा है।

न्यू साउथ वेल्स (एनएसडब्ल्यू) पुलिस के अनुसार, इस प्रदर्शन में 27 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से नौ पर आरोप तय किए गए हैं। पुलिस ने यह भी दावा किया कि झड़प के दौरान 10 पुलिसकर्मी घायल हुए। एनएसडब्ल्यू पुलिस आयुक्त माल लेनन ने कहा कि अधिकारियों ने “असाधारण संयम” बरता और “जो आवश्यक था, वही किया।”

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार प्रदर्शन सिडनी टाउन हॉल के बाहर आयोजित किया गया था। पुलिस के अनुसार करीब 6,000 लोग मौजूद थे, जबकि आयोजकों ने संख्या 50,000 बताई। वीडियो फुटेज में पुलिसकर्मियों को प्रदर्शनकारियों को धक्का देते, मुक्के मारते और कुछ मुस्लिम प्रदर्शनकारियों को नमाज़ के दौरान खींचकर ले जाते देखा गया, जिससे विवाद और बढ़ गया।

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि यदि सरकार ने उन्हें टाउन हॉल से संसद भवन या हाइड पार्क तक मार्च की अनुमति दी होती तो स्थिति टाली जा सकती थी।

अदालत ने प्रदर्शन से ठीक पहले पुलिस द्वारा लागू ‘मेजर इवेंट’ शक्तियों को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी थी। इन शक्तियों के तहत लोगों को इकट्ठा होने की अनुमति थी, लेकिन मार्च निकालने पर रोक थी।

एनएसडब्ल्यू प्रशासन ने पुलिस कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि अधिकारियों को “असंभव स्थिति” का सामना करना पड़ा। वहीं सहायक आयुक्त पीटर मैकेना ने दावा किया कि पुलिस को “धमकाया गया और उन पर हमला किया गया” तथा हालात कई बार हाथापाई में बदल गये।इस बीच, ऑस्ट्रेलियाई नेशनल इमाम्स काउंसिल ने नमाज़ पढ़ रहे मुस्लिम पुरुषों को खींचे जाने के दृश्य को “चौंकाने वाला और अस्वीकार्य” बताया है। ग्रीन्स पार्टी की सांसद एबिगेल बॉयड ने भी आरोप लगाया कि उन्हें सांसद होने की जानकारी देने के बावजूद पुलिस ने धक्का दिया, जिससे उन्हें चोट लगी।

प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने इन घटनाओं को “दुखद” बताया, लेकिन श्री हर्ज़ोग को आमंत्रित करने के फैसले का बचाव किया। उन्होंने कहा कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने अपने ही उद्देश्य को कमजोर किया है।

गौरतलब है कि दिसंबर में बॉन्डी बीच पर यहूदी त्योहार हनुक्का के दौरान हुए हमले में 15 लोगों की मौत के बाद ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने श्री हर्ज़ोग को आमंत्रित किया था। सरकार का कहना है कि इससे यहूदी समुदाय को सांत्वना मिलेगी, जबकि फिलिस्तीन समर्थक समूहों ने इस आमंत्रण का विरोध किया है।

श्री हर्ज़ोग पहले भी अपने बयानों को लेकर विवादों में रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में उन पर फिलिस्तीनियों के खिलाफ “उकसाने” का आरोप लगाया गया था, जिसे उन्होंने खारिज किया है। इज़राइल सरकार ने भी रिपोर्ट को “भ्रामक और गलत” बताया है।

इस बीच, पुलिस कार्रवाई के विरोध में मंगलवार शाम एक और प्रदर्शन की घोषणा की गयी है जिसमें गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आरोप वापस लेने और पुलिस की भूमिका की जांच की मांग की जायेगी।

 

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