
पांढुरना। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से संचालित Special Intensive Revision (SIR) अभियान के अंतर्गत जिला पांढुर्णा ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जिले द्वारा SIR से संबंधित समस्त कार्य 100 प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है, जिससे पांढुर्णा जिला मध्य प्रदेश में यह लक्ष्य प्राप्त करने वाला प्रथम जिला बन गया है।
इस अभियान के दौरान जिले के कुल 4,18,292 मतदाताओं के अभिलेखों का सूक्ष्म परीक्षण किया गया। परीक्षण उपरांत 15,551 मतदाताओं को No Mapping एवं Logical Discrepancies के कारण नियमानुसार नोटिस जारी किए गए। प्रारंभिक रूप से इन मामलों की सुनवाई 14 ईआरओ /एईआरओ द्वारा की गई।
लॉजिकल डिस्क्रिपेंसीज़(Logical Discrepancies) के प्रकरणों की संख्या अधिक होने के कारण प्रशासन द्वारा अतिरिक्त एईआरओ नियुक्त किए गए, जिससे सुनवाई प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जा सका।
पूरी कार्यवाही जिले के कुल 554 मतदान केंद्रों में संपन्न की गई, जिनमें
विधानसभा क्षेत्र 125 सौंसर – 276 मतदान केंद्र एवं विधानसभा क्षेत्र 128 पांढुर्णा – 278 मतदान केंद्र सम्मिलित रहे।
इस व्यापक अभियान में 37 ईआरओ/ए ईआरओ, 554 बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) एवं 52 सुपरवाइजर द्वारा सक्रिय सहभागिता की गई। संबंधित अमले द्वारा नोटिस तामील, मतदाताओं की सुनवाई, अभिलेखों का परीक्षण एवं सत्यापन की कार्यवाही पूर्ण पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ की गई।
आंकड़ों के अनुसार नो मैपिंग (No Mapping) श्रेणी में 5,852 मतदाता तथालॉजिकल डिस्क्रिपेंसीज़
( Logical Discrepancies)श्रेणी में 47,172 मतदाता शामिल रहे। सुनवाई एवं जांच उपरांत निर्वाचन नियमों के अनुसार 611 मतदाता अपात्र पाए गए, जिनके नाम मतदाता सूची से नियमानुसार विलोपित किए गए।
जिला प्रशासन एवं निर्वाचन अमले के समन्वित, सतत एवं अनुकरणीय प्रयासों से यह सुनिश्चित किया गया कि जिले की मतदाता सूची पूर्णतः शुद्ध, अद्यतन एवं विश्वसनीय हो। जिला पांढुर्णा की यह उपलब्धि न केवल प्रशासनिक दक्षता का प्रतीक है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुदृढ़ करने की दिशा में एक मॉडल उदाहरण के रूप में भी देखी जा रही है।
