
मुंबई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने बांग्लादेश में हिंदू समुदाय की स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए उन्हें एकजुट रहने का संदेश दिया। यह बयान उन्होंने मुंबई के वर्ली स्थित नेहरू सेंटर में आयोजित आरएसएस के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में चल रही व्याख्यानमाला के दौरान दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य संघ की 100 वर्ष की यात्रा, विचारधारा और भविष्य की दिशा पर विमर्श करना था, जिसमें देश-विदेश के विभिन्न सामाजिक विषयों पर भी चर्चा हुई।
अपने संबोधन में भागवत ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू समाज यदि संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए खड़ा होता है तो वैश्विक स्तर पर उसे समर्थन मिल सकता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कठिन परिस्थितियों में समुदाय की एकजुटता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति होती है। बयान को क्षेत्रीय परिस्थितियों और वहां अल्पसंख्यकों की सुरक्षा से जुड़े व्यापक संदर्भ में देखा जा रहा है।
कार्यक्रम में भागवत ने सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक पहचान और संगठन की भूमिका जैसे विषयों पर भी विस्तार से विचार रखे। उनके इस वक्तव्य के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है, जबकि समर्थक इसे समुदाय के मनोबल को बढ़ाने वाला संदेश बता रहे हैं।
