जबलपुर: नर्मदा विकास अंतर्गत कुण्ड वितरण नहर एवं इसके वितरण नहर प्रणाली का निर्माण कार्य का ठेका निरस्त होने के बाद हुआ फर्जीवाड़ा सामने आया है। यूनियन बैंक मढ़ाताल सिविक सेंटर शाखा प्रबंधक द्वारा कूटरचित ढंग से ठेकेदार को एफडीआर राशि 82, 40, 914 रुपए का भुगतान करते हुये शासन को हानि पहुंचाई है। पनागर पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है।
पुलिस ने बताया कि कार्य पालन यंत्री नर्मदा विकाश संभाग क्रमांक 02 पनागर वीनेन्द्र कुमार भालाधरे 55 वर्ष निवासी कोशिल्या माय होम बरगी हिल्स तिलवारा ने लिखित प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जिसमे लेख है कि नर्मदा विकास अंतर्गत कुण्ड वितरण नहर एवं इसके वितरण नहर प्रणाली का निर्माण कार्य निविदा स्वीकृति 21 अक्टूबर 2004 के माध्यम से ठेकेदार मेसर्स कर्नाटका लेण्ड आर्मी बैंगलोर को दिया गया था.
परंतु ठेकेदार द्वारा उक्त कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण नहीं किये जाने के कारण विभाग द्वारा विभाग एवं ठेकेदार के मध्य हुये अनुबंध 27 सितंबर 2009 को निरस्त किया गया। अनुबंध निरस्त किये जाने के विरोध में ठेकेदार द्वारा माध्यस्थम अभिकरण में अपील की गई। माध्यस्थम अभिकरण द्वारा पारित अधिनिर्णय 7 सितंबर 2022 के आदेशानुसार ठेकेदार की जमा दो बैंक गारंटी 43.75000 एवं 4375000 रूपये के रूप में यूनियन बैंक सिविक सेंटर, मढ़ाताल, जबलपुर से बैंक ड्राफ्ट बनाकर राजसात की गई थी।
शाखा प्रबंधक यूनियन बैंक मढ़ाताल सिविक सेंटर द्वारा कूटरचित ढंग से ठेकेदार को एफ.डी.आर. राशि 8240914 रुपए का भुगतान करते हुये शासन को बहुत बड़ी हानि पहुंचाई गई है। के व्ही मलैश प्रोजेक्ट मैनेजर मेसर्स कर्नाटक लेण्ड आर्मी बैंगलोर (वर्तमान कर्नाटक रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर डेव्हलेपमेंट लिमिटेड बैंग्लोर), तत्कालीन बैंक अधिकारी कार्पाेरेशन बैंक शाखा जबलपुर मढाताल सिविक सेन्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
