जबलपुर: जिले में धान उपार्जन प्रक्रिया पूरी हुए 19 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक हजारों किसानों के करोड़ों रुपये का भुगतान अटका हुआ है। उल्लेखनीय है कि धान की खरीदी 20 जनवरी को समाप्त हुई थी, लेकिन 8 फरवरी तक प्रशासनिक स्तर पर गोदामों का फिजिकल वेरिफिकेशन पूरा नहीं हो पाया, जिससे भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह ठप रही।
कई किसानों के खातों में नहीं हुई राशि ट्रांसफर
सबसे बड़ी समस्या यह है कि प्रशासन के पास उन किसानों का वास्तविक आंकड़ा तक मौजूद नहीं है, जिन्हें भुगतान नहीं मिला है। उपार्जन पोर्टल पर जिन किसानों के समिति स्तर पर वाउचर जनरेट हो जाते हैं, उन्हें स्वतः भुगतान की श्रेणी में दिखा दिया जाता है। लेकिन अभी भी कई किसानों के खातों में राशि ट्रांसफर नहीं हुई है। ऐसे में प्रशासन गलत आंकड़ों के आधार पर स्थिति को सामान्य मान रहा है, जबकि जमीन पर हालात इसके विपरीत हैं।
वेरिफिकेशन लंबित से भुगतान रोका
जानकारी के अनुसार कुछ अधिकारियों का कहना है कि गोदामों का फिजिकल वेरिफिकेशन लंबित होने के कारण भुगतान रोका गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कई गोदामों में धान की अधिक एंट्री दर्ज की जा चुकी है। इसके बावजूद अधिकारी समिति व गोदाम संचालकों पर एनओसी देने का दबाव बना रहे हैं।
जांच भी अधर में लटकी
उपार्जन के समय जिले के कई केंद्रों पर कम वजन की बोरियों और अन्य अनियमितताओं के मामले एसडीएम स्तर तक पंचनामा और जांच के लिए भेजे गए थे, लेकिन ये जांचें आज तक अधर में लटकी हैं। अब फिर से जांच के नाम पर किसानों का भुगतान रोका जा रहा है, जिससे किसान न केवल आर्थिक संकट में हैं बल्कि गहरी नाराजगी भी व्यक्त कर रहे हैं।
