आदेश के बावजूद भी अनुकंपा नियुक्ति न दिये जाने पर कोर्ट सख्त

ओआईसी को हाजिर होकर स्पष्टीकरण देने के निर्देश

जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने पूर्व आदेश के बावजूद याचिकाकर्ता को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान न किये जाने के रवैये को आड़े हाथों लिया। इसी के साथ प्रकरण के ऑफिसर-इन-चार्ज ओआईसी जिला शिक्षा अधिकारी, नर्मदापुरम को 24 मार्च को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होकर स्पष्टीकरण पेश करने के निर्देश दिये है।याचिकाकर्ता नर्मदापुरम निवासी ओमप्रकाश साहू की ओर से अधिवक्ता सुशील कुमार मिश्रा ने पक्ष रखा।

जिन्होंने बताया कि याचिकाकर्ता के पिता आकस्मिक निधि कार्य भारित कर्मी बतौर पदस्थ थे। उनके निधन के बाद याचिकाकर्ता पुत्र पर परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी आ गई, अत: अनुकंपा नियुक्ति का आवेदन दिया गया। विभाग ने आवेदन इस तर्क के साथ निरस्त कर दिया कि कार्य भारित कर्मी के उत्तराधिकारी को अनुकंपा नियुक्ति देने का प्रावधान नहीं है, जिस पर यह याचिका दायर की गई है। सुनवाई के दौरान न्यायालय को बताया गया कि याचिकाकर्ता के पिता आकस्मिक निधि कार्य भारित कर्मी थे, जो बाद में नियमित स्थापना अंतर्गत कार्य करने लगे।

इस बिंदु के आधार पर अनुकंपा नियुक्ति का आवेदन निरस्त नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने तर्क से सहमत होकर पूर्व में अनुकंपा नियुक्ति के आवेदन पर पुनर्विचार का आदेश पारित किया था। हाईकोर्ट के आदेश की प्रति के साथ दोबारा अनुकंपा नियुक्ति का आवेदन किये जाने पर विभाग ने उसी तर्क के आधार पर निरस्त कर दिया कि कार्य भारित कर्मी के उत्तराधिकारी को अनुकंपा नियुक्ति देने का प्रावधान नहीं है। न्यायालय में दोबारा याचिका दायर होने पर यह जानकारी प्रकाश में लाए जाने के साथ ही हाईकोर्ट ने सख्ती बरते हुए आफिसर-इन-चार्ज, ओआईसी जिला शिक्षा अधिकारी, नर्मदापुरम को तलब किया है।

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