
छतरपुर। शहर के ग्वाल मंगल तालाब में एक नंदी बैल गिरने की घटना ने नगर पालिका की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया गया है कि बैल शुक्रवार शाम तालाब में गिर गया था और करीब 15 से 18 घंटे तक वहीं फंसा रहा। ठंड और लगातार पानी में रहने के कारण उसकी हालत काफी कमजोर हो गई थी।
शनिवार सुबह स्थानीय लोगों की नजर बैल पर पड़ी तो उन्होंने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। सीमित संसाधनों के बावजूद हरीश ताम्रकार सहित आसपास के नागरिकों और राहगीरों ने करीब दो घंटे की कड़ी मेहनत के बाद बैल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पूरे घटनाक्रम के दौरान नगर पालिका की ओर से कोई सहायता नहीं पहुंची। न तो जेसीबी मशीन भेजी गई और न ही कोई बचाव दल मौके पर आया। नागरिकों का कहना है कि तालाब की वर्षों से सफाई नहीं हुई है, जिससे जलकुंभी और घास के कारण यह मैदान जैसा दिखाई देता है और जानवर अक्सर उसमें फंस जाते हैं। लोगों ने तालाब की नियमित सफाई कराने की मांग की है।
