नयी दिल्ली, 07 फरवरी (वार्ता) भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते को महत्वपूर्ण बताते हुए उद्योग मंडल फिक्की ने कहा है कि इससे भारतीय निर्यात अमेरिका में प्रतिस्पर्धी बनेगा और भारतीय उद्यमों की प्रौद्योगिकी तक पहुंच हासिल होगी।
भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते पर दोनों देशों की ओर से शनिवार को एक संयुक्त बयान जारी किया गया। बयान में कहा गया है कि यह समझौता दोनों देशों के सभी औद्योगिक सामानों और अमेरिकी खाद्य एवं कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर शुल्कों को समाप्त या कम करेगा, जिसमें सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन्स (डीडीजी), पशु आहार के लिए लाल ज्वार, मेवे, ताजे और प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, शराब और स्पिरिट तथा अन्य उत्पाद शामिल हैं।
इन संशोधनों के अनुसार भारत में निर्मित वस्तुओं पर अमेरिका में 18 प्रतिशत की दर से जवाबी आयात शुल्क लागू होंगे। इस शुल्क के तहत आने वाली वस्तुओं में वस्त्र और परिधान, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक और रबर, जैविक रसायन, घरेलू सजावट के सामान, हस्तशिल्प उत्पाद और कुछ मशीनरी शामिल हैं।
फिक्की के अध्यक्ष अनंत गोयंका ने एक बयान में कहा कि यह व्यापार समझौता दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के बीच आर्थिक सहयोग आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसमें शुल्कों में कमी लाने, नियामकीय बाधाओं को सरल बनाने और विभिन्न क्षेत्रों में नये अवसर खोलने के प्रावधान हैं। ऐसे समय में जब भारत एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है, यह समझौता प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता, प्रौद्योगिकी तक पहुंच और आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती को प्रोत्साहन देता है।
श्री गोयंका ने कहा, “यह भारत के लिए, भारत के साथ और भारत से मूल्य सृजन को गति प्रदान करने का सही समय है, वास्तविक अर्थों में वैश्विक स्तर पर।”
