
सिंगरौली। जिला जेल सिंगरौली से एक गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
घटना के बाद मृतक के परिजनों ने जेल प्रशासन पर मारपीट और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे जेल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं, जिससे मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सके। मृतक की पहचान रमाकांत पटेल निवासी बनाउली गांव, खुटार चौकी क्षेत्र के रूप में हुई है। रमाकांत को पुलिस ने 18 दिसंबर 2025 को उसके घर के अंदर मादक पदार्थ गांजा उगाने के आरोप में गिरफ्तार कर जिला जेल भेजा था। वह तब से विचाराधीन कैदी के रूप में जेल में बंद था। मृतक के भाई रणधीर पटेल ने आरोप लगाया कि जेल प्रशासन ने कभी यह जानकारी नहीं दी कि रमाकांत की तबीयत खराब है। अचानक फोन कर मौत की सूचना दी गई। उन्होंने यह भी बताया कि शव देखने पर शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे, जिससे मारपीट की आशंका और गहरा गई है।
जेलर के अनुसार हार्ट अटैक से हुई मौत
जिला जेलर लक्ष्मीकांत चतुर्वेदी ने मीडिया कर्मियों को बताया कि आज दिन शुक्रवार की सुबह बंदी की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जेलर के अनुसार प्रथम दृष्टया मौत का कारण हार्ट अटैक प्रतीत हो रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। गौरतलब है कि करीब तीन महीने पहले भी जिला जेल में एक अन्य संदिग्ध कैदी की मौत हुई थी, जिससे जेल प्रशासन की सुरक्षा और बंदियों की स्थिति पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने जेल प्रबंधन की कार्यशैली और बंदियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की निगाहें मजिस्ट्रियल जांच पर टिकी हैं, जिससे सच्चाई सामने आ सके।
