नागपुर | स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में नागपुर विभाग ने निवेश के अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। विभाग के औद्योगिक विकास के लिए 11 प्रमुख कंपनियों के साथ कुल 5,92,746 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक समझौतों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस मेगा निवेश से विदर्भ के लगभग 47,000 युवाओं के लिए सीधे रोजगार के द्वार खुलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निवेश नागपुर को देश के नए इंडस्ट्रियल सुपरहब के रूप में स्थापित करेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
इस निवेश में जेएसडब्ल्यू (JSW) ग्रुप का सबसे बड़ा योगदान है, जो अकेले स्टील और एनर्जी सेक्टर में 3 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा। इसके अलावा, गड़चिरोली में अलग से 1 लाख करोड़ का स्टील प्लांट लगाया जाएगा। ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में ‘पावरिंग ऊर्जा’ और ‘वारी एनर्जी’ मिलकर 90,000 करोड़ से अधिक का निवेश करेंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में वर्धमान लिथियम और सोलर सेक्टर में एमएसएन होल्डिंग्स ने भी बड़े करार किए हैं। गड़चिरोली में लॉयड मेटल और काटोल में रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की परियोजनाओं से पिछड़े क्षेत्रों में भी औद्योगिक क्रांति की शुरुआत होगी।
इन विशाल परियोजनाओं के लिए कुल 23,276 एकड़ भूमि की आवश्यकता है, जिसमें से प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 1,466 एकड़ जमीन पहले ही आवंटित कर दी है। समृद्धि महामार्ग और नागपुर मेट्रो जैसी बुनियादी सुविधाओं ने विदर्भ को निवेशकों के लिए सबसे आकर्षक गंतव्य बना दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन प्रोजेक्ट्स के शुरू होने से न केवल नागपुर से होने वाला पलायन रुकेगा, बल्कि महाराष्ट्र देश की 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनने के लक्ष्य की ओर मजबूती से कदम बढ़ाएगा। जेएसडब्ल्यू जैसी कंपनियों को काम शुरू करने के लिए ऑफर लेटर भी जारी कर दिए गए हैं।

