
मुंबई। अपनी पहली शादी की सालगिरह को खास बनाने के लिए जीत अदाणी ने एक अलग और सराहनीय पहल करने का निर्णय लिया है। 7 फरवरी को वह भव्य जश्न या निजी आयोजन के बजाय दिव्यांग महिलाओं के बीच समय बिताकर इस दिन को मनाएंगे।
यह कदम उनकी सादगी, भारतीय संस्कारों और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को दर्शाता है। निजी खुशियों को समाज के साथ साझा करने की सोच के तहत वे उत्सव से ज्यादा संवेदनशीलता और सहयोग को महत्व दे रहे हैं।
पहल के जरिए उनका उद्देश्य सिर्फ एक दिन की मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि दिव्यांग महिलाओं की दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा, सम्मान और मजबूत सामुदायिक सहयोग को बढ़ावा देना है। यह पहल सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करेगी।
