नई दिल्ली | नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने करोड़ों यूपीआई यूजर्स को बड़ी सौगात देते हुए ‘UPI Now Pay Later’ सुविधा शुरू की है। इस फीचर के जरिए अब ग्राहकों को बैंक अकाउंट में पैसा न होने पर भी भुगतान करने की आजादी मिलेगी। यह एक प्री-अप्रूव्ड क्रेडिट लाइन की तरह काम करेगा, जिसमें बैंक आपकी प्रोफाइल के आधार पर एक निश्चित राशि (क्रेडिट लिमिट) तय करेंगे। इस कदम का उद्देश्य डिजिटल भुगतान में आने वाली ‘बैलेंस फेलियर’ जैसी बाधाओं को खत्म करना और यूजर्स को वित्तीय लचीलापन प्रदान करना है।
इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए बैंकों ने कुछ अनिवार्य शर्तें रखी हैं। लाभार्थी का सिबिल स्कोर (CIBIL Score) 750 या उससे अधिक होना चाहिए और उसकी आयु 18 वर्ष से ऊपर होनी चाहिए। बैंक ग्राहकों की प्रोफाइल और लेनदेन के इतिहास के आधार पर 20,000 से 50,000 रुपये तक की क्रेडिट सीमा प्रदान कर रहे हैं। भुगतान के दौरान यूजर्स अपने बैंक खाते के बजाय इस ‘क्रेडिट लाइन’ विकल्प को चुन सकेंगे। उपयोग की गई राशि का बिल एक निश्चित साइकिल के बाद जनरेट होगा, जिसे तय समय सीमा के भीतर चुकाना अनिवार्य होगा।
यह सुविधा पूरी तरह पेपरलेस और डिजिटल है, जिसके लिए आधार और पैन कार्ड का मोबाइल नंबर से लिंक होना जरूरी है। जहां भी यूपीआई क्यूआर कोड (QR Code) स्वीकार किया जाता है, वहां इस क्रेडिट मोड का इस्तेमाल किया जा सकेगा। अचानक आने वाले खर्चों या आपातकालीन स्थितियों में यह शॉर्ट-टर्म क्रेडिट काफी मददगार साबित होगा। एनपीसीआई की इस पहल से न केवल डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि आम आदमी के लिए स्कूल फीस से लेकर अस्पताल के बिलों का भुगतान करना और भी सरल और सुलभ हो जाएगा।

