
सतना। भाजपा के वरिष्ठ सांसद एवं सतना लोकसभा क्षेत्र के प्रतिनिधि गणेश सिंह ने बुधवार को संसद में नियम 377 के तहत सतना-चित्रकूट क्षेत्र के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विकास का मुद्दा प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि सतना और चित्रकूट केवल भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, संस्कृति और सनातन परंपरा के केंद्र हैं। सांसद श्री सिंह ने सदन को अवगत कराया कि यही वह पुण्यभूमि है, जहाँ भगवान श्रीराम ने अपने वनवास के साढ़े ग्यारह वर्ष व्यतीत किए। गोस्वामी तुलसीदास द्वारा वर्णित चित्रकूट आज भी रामकथा की जीवंत साक्षी है। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में रामायण सर्किट की परिकल्पना को साकार किया जा रहा है, जिसमें अयोध्या का भव्य विकास एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इसी कड़ी में उन्होंने सतना से चित्रकूट होते हुए रामायण सर्किट को जोडऩे के रामपथ गमन प्रस्ताव पर अब तक की कार्यवाही की जानकारी मांगी।
84-कोसी परिक्रमा और रामायण संस्थान का भी उठाया मुद्दा
सांसद ने संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय की ओर प्रश्न करते हुए संस्कृति एवं पर्यटन विभाग से यह भी पूछा कि क्या चित्रकूट होते हुए 84-कोसी परिक्रमा पथ पर स्थित सभी तीर्थ स्थलों को रामायण सर्किट से जोडऩे की कोई योजना है? साथ ही उन्होंने चित्रकूट में एक समर्पित ‘रामायण संस्थानÓ की स्थापना पर विचार करने की मांग की, जिससे शोध, संस्कृति संरक्षण और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
