सेंट मोरित्ज, 04 फरवरी (वार्ता) सर्च इंजन गूगल ने छह फरवरी से शुरु हो रहे शीतकालीन ओलंपिक 2026 को लेकर कर्लिंग खेल को दर्शाते हुए बुधवार को डूडल बनाया गया, जिसे वर्ष 2018 के शीतकालीन ओलंपिक के समय जारी किया गया था। उस समय वीरेंद्र सहवाग, शाहिद अफरीदी और जैक्स कैलिस जैसे दिग्गज क्रिकेटरों ने जमी हुई सेंट मोरित्ज झील पर टी-20 क्रिकेट सीरीज खेली थी। ओलंपिक डॉट कॉम के अनुसार, सेंट मोरित्ज को शीतकालीन ओलंपिक खेलों का लंबे समय से पर्याय माना जाता रहा है। इस स्विस रिसॉर्ट ने 1928 और 1948 में दो बार विंटर ओलंपिक की मेजबानी की है। हालांकि, वर्ष 2018 में बर्फ से ढके इस स्थान पर स्कीइंग और स्केटिंग से कुछ बिल्कुल अलग देखने को मिला। आमतौर पर सामान्य वातावरण में खेला जाने वाला क्रिकेट बर्फ पर खेला गया। उस साल फरवरी में, सेंट मोरित्ज ने क्रिकेट के इतिहास में सबसे अनोखे टूर्नामेंट में से एक की मेजबानी की। स्विस पहाड़ियों से घिरी सेंट मोरित्ज झील की जमी हुई सतह पर एक टी-20 सीरीज खेली गई। यह झील काफी बड़ी है। इसके एक बार जम जाने पर, यह बाहरी स्पर्धाओं के लिए कुछ समय के लिए मैदान बन जाती है और लगातार अपनी बर्फ से ढकी सतह पर प्रतियोगिताओं और उत्सवों की मेजबानी करती है।
सेंट मोरित्ज आइस क्रिकेट टूर्नामेंट में क्रिकेट जगत के पूर्व अंतरराष्ट्रीय सितारे स्कार्फ, जैकेट और दस्तानों को पहने हुए रात में -20 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाने वाले तापमान में एक साथ आते हैं। ऐसी परिस्थितियों में क्रिकेट का यह मैदान क्रिकेटरों के लिए बिल्कुल नया था। लकड़ी के तख्तों पर चटाई बिछाई गई थी और बर्फ पर कृत्रिम घास की पिच बिछाई गई थी। खेलने के लिए गुलाबी गेंद का इस्तेमाल किया गया और क्रिकेट की बाकी चीजें वैसे ही रहीं, लेकिन स्पाइक्स की जगह स्पोर्ट्स जूतों का इस्तेमाल किया गया। स्टंप स्प्रिंग-लोडेड बेस पर लगे थे, जिससे गेंद लगने पर वे अपनी जगह से हिलने के बजाय मुड़ जाते थे। फिसलन भरे मैदान पर गेंद के किसी भी दिशा में फिसलने की वजह से क्षेत्ररक्षण करना बेहद मुश्किल रहा। आठ और नौ फरवरी को दो टी-20 मैच खेले गए, जिसमें वीरेंद्र सहवाग, शाहिद अफरीदी, शोएब अख्तर, लसिथ मलिंगा, ग्रीम स्मिथ, जैक्स कैलिस, डेनियल वेटोरी और अन्य क्रिकेट दिग्गज शामिल हुए। सभी ने क्रिकेट की प्रतिद्वंद्विता का शानदार प्रदर्शन किया। कई लोगों के लिए, यह प्रतिस्पर्धा से कहीं अधिक ऐल्प्स की पहाड़ियों के बीच क्रिकेट के बिल्कुल नया अनुभव था। मैच के बाद अफरीदी ने बताया था, “कई कपड़ों को पहने होने की वजह से जब मैं मैदान पर उतरा तो मुझे अपने हाथों में बल्ला महसूस नहीं हो रहा था। मेरे दोनों हाथों और पैरों में ठंड लग रही थी।” उल्लेखनीय है कि आइस क्रिकेट विश्व चैम्पियनशिप का आयोजन प्रतिवर्ष एस्टोनियाई शहर टालिन में किया जाता है। यह टूर्नामेंट जमी हुई हारकू झील पर खेला जाता है।

