
चंदेरी। धर्म, इतिहास, शिल्प,पर्यटन, प्रकृति और संस्कृति के अनूठे संगम से जिस चंदेरी शहर की पहचान है, वहां अब प्रशासनिक इकाइयों की भी एक श्रृंखला खड़ी होने जा रही है। यह इसलिए, कि प्रशासन ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सख्त निर्देशों के बाद पूरी 200 बीघा जमीन अवैध कब्जों से मुक्त करा दी है। इसलिए शासकीय जमीन की कमी के कारण नगर में जो सरकारी कार्यालय और निर्माण नहीं हो पा रहे थे, अब उनमें गति आ जाएगी। मुक्त कराई गई जमीन की कीमत 500 करोड़ आंकी गई है।
बताया गया है है कि नगर का एक प्रतिनिधि मंडल करीब चार पांच दिन पहले नई दिल्ली पहुंचकर केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया से मिला था। इस प्रतिनिधि मंडल ने श्री सिंधिया से भेंट कर नगर में शासकीय जमीन मुहैया कराने की
मांग रखी। जिसके बाद श्री सिंधिया ने प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए, जिसके नतीजे में प्रशासन ने पूरे चार दिन तक लगातार काम करते हुए शासकीय सर्वे नंबर 10 में करीब 200 बीघा जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया है। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि इस सर्वे नंबर में करीब 350 बीघा जमीन है, सरकारी जमीन का यह बड़ा रकबा अब तक कई तरह के
स्थाई और अस्थाई अतिक्रमण में था। जिसमें से प्रशासन ने एक दर्जन जेसीबी चलवाकर 200 बीघा जमीन को मुक्त करा दिया है और उसकी सफाई कर समतल करा दिया है।
खेल मैदान, पार्क से लेकर अस्पताल तक, सब कुछ बन सकेगाः
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार मुक्त कराई गई जमीन में श्री सिंधिया खेल मैदान, पार्क और अस्पताल की सौगात देने वाले हैं। इसके
साथ ही एमपी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी सहित अन्य सरकारी भवन बन सकेंगे। वर्तमान में इसी सर्वे नंबर में केंद्रीय विद्यालय और मॉडल स्कूल भी संचालित है। इसके अलावा नगरीय क्षेत्र में भवनों और जमीन की कमी के कारण जो सरकारी कार्यालय पुराने और जीर्ण शीर्ण भवनों में संचालित हैं, उनके नवीन भवन
इसी भूमि में बनाए जाएंगे। एक किलोमीटर की लिंक रोड तत्काल स्वीकृतः
श्री सिंधिया ने जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के साथ साथ पिछोर मार्ग कॉलेज से बायपास तक इस जमीन में से निकलने वाली एक किलोमीटर की लिंक रोड़ को भी स्वीकृति दिलाई है। प्रस्तावित मार्ग पर चूरी गिट्टी डालकर अस्थाई सड़क भी बना दी गई है। बताया गया है कि लिंक रोड़ पैंतीस फीट चौड़ी होगी, जिसके इर्द गिर्द प्रशासनिक इकाईयाँ आकार लेंगी।
