नयी दिल्ली | कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (Trade Deal) को भारतीय किसानों के साथ बड़ा धोखा करार दिया है। कांग्रेस नेता मुकुल वासनिक और रणदीप सुरजेवाला ने संयुक्त रूप से कहा कि इस समझौते के बाद अब महाराष्ट्र में अमेरिका का कपास बिकेगा और कश्मीर से कन्याकुमारी तक ड्राई फ्रूट्स व सोयाबीन के आयात से स्थानीय किसान बर्बाद हो जाएंगे। विपक्ष का दावा है कि इस डील से देश में भुखमरी के हालात पैदा होंगे। कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे प्रधानमंत्री मोदी छुट्टी पर चले गए हैं और सरकार चलाने का दायित्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सौंप दिया है।
विपक्ष ने इस समझौते की घोषणा के समय और तरीके पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मुकुल वासनिक ने पूछा कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी कि ट्रेड डील का ऐलान आधी रात को किया गया और इसकी जानकारी सबसे पहले अमेरिकी राजदूत ने दी? कांग्रेस का आरोप है कि संसद सत्र चलने के बावजूद सरकार ने सदन को विश्वास में लिए बिना ‘पर्दे के पीछे’ देश के हितों का सौदा किया है। विपक्षी नेताओं के अनुसार, यह सरकार का अमेरिका के सामने पूर्ण आत्मसमर्पण है और इसमें कई ऐसी बातें छुपाई जा रही हैं जो सीधे तौर पर कृषि क्षेत्र को प्रभावित करेंगी।
कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला ने इस समझौते की तुलना निरस्त किए गए ‘तीन काले कृषि कानूनों’ से करते हुए इसे एक बार फिर किसान विरोधी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह किसानों ने पहले सरकार को झुकने पर मजबूर किया था, इस बार भी वैसा ही होगा। संसद में इस मुद्दे पर कड़ा विरोध जताते हुए विपक्षी दलों ने वॉकआउट किया और स्पष्ट किया कि वे इस लड़ाई को सड़क और खेत-खलिहान तक ले जाएंगे। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से जवाब मांगा है कि आखिर किस दबाव में उन्होंने भारतीय किसानी और आम लोगों के हितों को दांव पर लगाया है।

