
सिंगरौली। जिले के पचौर गांव के महुअरिया टोला निवासी हरि प्रसाद द्विवेदी आजकल अपनी परती जमीन पर लहलहाती रामतिल की फसल की कटाई के बाद अब उसी जमीन पर उड़द और मूंग बोने की तैयारी कर रहे हैं।
हरि प्रसाद द्विवेदी ने आगे बताया कि अभी मैंने तीन क्विंटल रामतिल को 80 रूपए किलो की दर से बेचा है और लाभ कमाया है। पहले चूंकि जमीन परती थी और चारों ओर से खुली थी, लिहाजा मवेशियों के कारण खेती हो ही नहीं पाती थी। ऐसल-हिंडाल्को कंपनी द्वारा की गई सहायता से हमे बहुत लाभ हुआ है। और हम एक नहीं बल्कि बहु फसलीय खेती करने को तैयार हैं। इस परियोजना के बारे में जानकारी देते हुए हिंडाल्को के बिजनेस हेड, माइंस एंड मिलिरल, कैलाश पांडेय ने बताया कि हम बंधा कोल परियोजना क्षेत्र के समुदाय के सर्वांगीर्ण विकास के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। किसानों को उन्नत खेती के विषय में अवगत कराने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हम कार्यरत हैं। इधर इस संबंध में थॉमस चैरियन एमडी, एसेल माइनिंग ने कहा कि हम कोल परियोजना क्षेत्र में विगत 4 वर्षों से अधिक समय से सीएसआर के विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं पर कार्य कर रहे हैं। किसानों को खेती के लिए तकनीकी रूप से भी परामर्श दी जा सके, इसके लिए अभी हमने 13 किसानों को राजस्थान के सवाईमाधोपुर जिले में भ्रमण कराकर उन्हें बगान विकसित करने की नई तकनीक और उत्पादन के बारे में जानकारी दी है।
आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हम कार्यरत हैं: कैलाश
इस संबंध में कैलाश पांडेय- बिजनेस हेड, माइंस एंड मिलिरल, हिंडाल्को का कहना है कि हम बंधा कोल परियोजना क्षेत्र के समुदाय के सर्वांगीर्ण विकास के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। किसानों को उन्नत खेती के विषय में अवगत कराने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हम कार्यरत हैं। अभी हम सिंगरौली के पचौर, देवरी, चितरवईकला और लामीदह में 13 किसान परिवारों को बागवानी कराने में सहायता दे रहे हैं। हम कोल परियोजना के गांवों के साथ आस-पास के समुदाय के सतत विकास के लिए प्रयत्नशील हैं।
