
छतरपुर। नगर में बुंदेलखंड गौशाला मऊसहानिया में गौवंश की मौत के मामले को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है। मंगलवार, 3 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 1:00 बजे मऊसहानिया गांव के निवासियों ने कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचकर इस मामले में आवेदन सौंपा। ग्रामीणों ने गौशाला प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए बुंदेलखंड गौशाला के अध्यक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि उचित देखरेख और व्यवस्थाओं के अभाव में गौशाला में गौवंश की मौत हुई है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उनका कहना है कि गौशाला संचालन में अनियमितताएं लंबे समय से सामने आ रही थीं, लेकिन जिम्मेदारों द्वारा इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
आवेदन में ग्रामीणों ने वर्तमान गौशाला समिति को तत्काल भंग कर नई समिति गठित किए जाने की भी मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। ग्रामीणों का कहना है कि गौवंश संरक्षण के नाम पर संचालित गौशालाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है।
जनसुनवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों की बात सुनी और मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। अब इस पूरे प्रकरण में जिला प्रशासन के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
