जबलपुर: मध्यप्रदेश विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन की प्रांतीय कार्यकारिणी बैठक और प्रांतीय सम्मेलन का आयोजन वृहद स्तर पर हुआ। आयोजन में पूरे प्रदेश से बड़ी संख्या में फेडरेशन के पदाधिकारी एकत्रित हुए। जोनल सचिव रामेश्वर गांगे ने कहा कि फेडरेशन का इतिहास स्वर्णिम और हर स्तर के कर्मचारियों और पेंशनर्स के हित संरक्षण का रहा है और आज भी उसी परम्परा के अनुसार कार्य हो रहा है। सभी अतिथियों का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
इस दौरान मध्यप्रदेश विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन के प्रांतीय सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए महामंत्री राकेश डी पी पाठक ने माननीय मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा 10 वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मियों को नियमित करने की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि 15 वर्षों तक कार्यरत सभी संविदा कर्मियों को भी बिना शर्त नियमित किया जाए। और नई भर्ती में आऊट सोर्स कर्मचारियों को 50 प्रतिशत का आरक्षण देकर उनका भविष्य सुरक्षित किया जाए। साथ ही बिजली सेक्टर में लम्बे समय के बाद नवीन ओ एस में 51000 हजार से अधिक नियमित पदों का सृजन कर भर्ती हेतु स्वीकृति प्रदान की गई है जो कि बिजली सेक्टर की सभी कंपनियों के लिए नया जीवन देना अर्थात पुनर्जीवन है।
कुछ इस तरह उठी मांगें
फेडरेशन के महामंत्री राकेश डी पी पाठक ने मांग की कि बिजली कंपनियों में लगभग 15 वर्षों से कार्यरत सभी संविदा कर्मचारियों को नियमित पदों पर बिना शर्त तत्काल संविलियन अर्थात नियमित करें। परीक्षण सहायक वर्तमान में 650 नियमित होने के लिए शेष बचे हुए हैं उन्हें भी नियमित करने का शीघ्र निर्णय ले।इसके साथ ही तीनों विद्युत वितरण कंपनियों में तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के लगभग एक हजार संविदा कर्मचारियों के लिए वन टाइम ट्रांसफर पॉलिसी कंपनी टू कंपनी ( गृह जिला कंपनी) स्थानांतरण नीति बनाई जाए।
कार्यक्रम का सफल संचालन एन के यादव ने और आभार प्रदर्शन मोहम्मद फरीद मंसूरी ने व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में सैकड़ों की संख्या में पधारे फेडरेशन के साथियों के सम्मान में उज्जैन फेडरेशन के पदाधिकारियों ने मालवा की संस्कृति के अनुसार नाश्ता और भोजन की बेहतरीन व्यवस्था की थी जिसका सभी ने लुप्त उठाया। इस अवसर पर दीपेश दुबे, दिलीप शर्मा, महेंद्र भदोरिया,अनुजक, राकेश भैसारे,दीप बिहाणी, परमजीत सिंह, राजमणि, संकेत त्रिपाठी,कुमरन,जमिलुदीन अंसारी, इरफान उलहक,जेड एस अंसारी, विजय प्रजापति सहित अन्य मौजूद रहे।
