
जबलपुर। सक्रिय मौसम प्रणालियों के असर से मौसम का मिजाज बदल गया। सोमवार की सुबह कोहरे के साथ हुई। दिन चढऩे के साथ मौसम का मिजाज बदला। बादलों ने डेरा डाल लिया। सूर्यदेव भी निकलने को बेताब हो गए। इसके बाद दिनभर सूरज और बादलों के बीच लुकाछिपी का खेल चलता रहा। वहीं मौसम विभाग ने गरज चमक के साथ बारिश की संभावना जाहिर की है।
मौसम विभाग की माने तो वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ, पंजाब और संलग्न हरियाणा के ऊपर माध्य समुद्र तल से 3.1 किमी की ऊँचाई पर चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में अवस्थित है। अब पूर्व-उत्तर-पूर्व दिशा की ओर खिसक गई है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में ट्रफ के रूप में माध्य समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर विस्तृत है। पूर्वोत्तर भारत के ऊपर माध्य समुद्र तल से लगभग 12.6 किमी ऊँचाई पर 240 किमी घंटा की गति से उपोष्णपछुआ जेट स्ट्रीम प्रभावी है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ 5 फरवरी की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है।
ऐसा रहा तापमान
सोमवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री पर पहुंच गया जो सामान्य से 2 डिग्री अधिक रहा। सुबह के वक्त आद्रता 87 और शाम को 64 प्रतिशत दर्ज की गई। उत्तर-पूर्व हवाएं चार किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली।
