शिवपुरी: जिला कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई। इस बैठक में स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग की योजनाओं की कड़ाई से समीक्षा की गई, जिसके बाद कलेक्टर ने विभागीय उपलब्धियों की जांच के लिए केवल 8 दिन का समय दिया है। कलेक्टर चौधरी ने गर्भवती महिलाओं के पंजीयन आंकड़ों में स्वास्थ्य विभाग और महिला बाल विकास विभाग के बीच पाए गए अंतर पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने इसे आपसी समन्वय से तत्काल सुधारने के निर्देश दिए।
विशेष रूप से बदरवास क्षेत्र में एएनसी पंजीयन की धीमी प्रगति पाए जाने पर वहां के बीसीएम और सुपरवाइजर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए हैं। बैठक में आयुष्मान आरोग्य केंद्रों पर दवाओं की कमी का मुद्दा भी उठा। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि दो दिनों के भीतर दवाओं की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, एनआरसी में कुपोषित बच्चों की शत-प्रतिशत भर्ती और गर्भवती महिलाओं को समय पर पोषण आहार वितरण करने पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि 8 दिन बाद होने वाली पुनः समीक्षा में सुधार न दिखने पर संबंधितों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
