
सारनी। शिक्षा की जो नीव होती है वह घर से शुरू होती है बच्चे की पहली जो गुरु और शिक्षक होती है. उपरोक्त उदगार ग्राम भारती महिला मंडल की अध्यक्ष भारतीय अग्रवाल ने मदर ग्लोरी प्री स्कूल बगडोना के वार्षिक कार्यक्रम उड़ान को संबोधित करते हुए व्यक्त किए है.श्रीमतिअग्रवाल ने कहा कि बच्चों को प्रथम दीप से ही शिक्षा की जो अलग होती है वह मदर ग्लोरी स्कूल के माध्यम से दी जा रही है या तारीफ काबिल है बच्चों को बेहतर पढ़ाई के अलावा उनके पोषक और वेशभूषा पर भी महत्व दिया जाता है.कार्यक्रम के शुभारंभ मां सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण किया. इस मौके पर मुख्य अतिथि पार्षद दशरद सिंह जाट,कांग्रेस प्रदेश प्रतिनिधि तिरुपति एरोलू,श्रीमती ए एन सिंह उपस्थिति रही। स्कूल के वार्षिक प्रतिवेदन का वचन मदर ग्लोरी की संचालिका रेनू एरोलू ने साल भर का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया. श्रीमती एरलु ने कहा कि हमारी संस्कृति को एक साथ पिरोकर शिक्षा के रूप में विद्यार्थियों में दी जाती है. नन्हे मुन्ने बच्चों को अभी से सनातन धर्म और संस्कृति के अलावा बेहतर शिक्षा उपलब्ध हो यह भी प्रयास हमारे माध्यम से किया जा रहा है। कांग्रेस के प्रदेश प्रतिनिधि तिरुपति एरोलू ने कहा कि यह जानकर बड़ा उत्सव और आनंद पहुंचा है कि मदर ग्लोरी स्कूल के माध्यम से शासन के नियमों को ईमानदारी से निर्वाह करके 25 प्रतिशत गरीब बच्चों को भी इस स्कूल में निशुल्क शिक्षा देने का काम किया जा रहा है. इसके अलावा हिंदी इंग्लिश और संस्कृत का ज्ञान भी बच्चों को कक्षा पहले से ही देने का कार्य किया जा रहा है जो संपूर्ण क्षेत्र में एक अनोखी पहल मानी जा सकती है। पार्षद दशरथ सिंह जाट ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम नन्हे मुन्ने बच्चों के बीच होते रहना चाहिए जिससे उनका हौसला और बढ़ता है। मदर ग्लोरी उड़ान कार्यक्रम के अंतर्गत आदिवासी नृत्य पर नन्हे मुन्ने बच्चों ने बेहतर प्रस्तुति देने का काम किया. उन्होंने कहा कि बाबा भोले के अद्भुत वेशभूषा में शिव तांडव स्त्रोत की प्रस्तुति सराहनीय रही है. मदर ग्लोरी स्कूल के उड़ान कार्यक्रम में 11 वर्षीय प्रियांशु राय के माध्यम से साउथ अली डांस पर जानदार प्रस्तुति दी गई. इस अवसर पर बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।
