नई दिल्ली:केंद्रीय बजट 2026 देश के करोड़ों युवाओं के लिए पिछले वर्ष 2025 की तुलना में एक बड़े और महत्वपूर्ण अपग्रेड के रूप में सामने आया है। जहां वर्ष 2025 का बजट मुख्य रूप से सरकारी भर्तियों के पारंपरिक ढांचे और नए संस्थानों की घोषणाओं तक सीमित रहा, वहीं 2026 का बजट युवाओं को सीधे लाभ देने और “ऑन-जॉब ट्रेनिंग” के नए दौर की शुरुआत करता दिख रहा है।
सरकार ने इस बार कागजी आंकड़ों के बजाय युवाओं की जेब और उनके भविष्य के करियर ग्राफ पर विशेष फोकस किया है। पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को 15,000 रुपये तक बोनस देने की योजना और एक करोड़ इंटर्नशिप के अवसर उपलब्ध कराने का वादा इस बजट की प्रमुख घोषणाओं में शामिल है।युवाओं के कौशल विकास को गति देने के लिए बजट आवंटन को बढ़ाकर लगभग 1.35 लाख करोड़ रुपये से अधिक करने का लक्ष्य रखा गया है। खासतौर पर ‘स्किल इंडिया 2.0’ कार्यक्रम के लिए फंड में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है, जिससे प्रशिक्षण, रोजगार और उद्योग से जुड़ी दक्षताओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में विदेश यात्रा और पढ़ाई करने वालों को भी राहत दी है। विदेशी टूर पैकेज पर लगने वाले टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) को 5 से 20 प्रतिशत की दर से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है और न्यूनतम राशि की शर्त भी समाप्त कर दी गई है। इसके अलावा सरल आयकर फॉर्म जल्द अधिसूचित किए जाने की घोषणा की गई है।
तकनीकी क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च करने की भी जानकारी दी गई, जिससे देश में इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप निर्माण उद्योग को नई गति मिलने की संभावना जताई जा रही है। कुल मिलाकर बजट 2026 को युवाओं, कौशल विकास और तकनीकी प्रगति पर केंद्रित बजट के रूप में देखा जा रहा है
