ग्वालियर: ग्वालियर व्यापार मेला व्यापारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने संभागायुक्त मनोज खत्री, मेला प्रभारी अतुल सिंह, मनीष यादव एवं मेला सचिव एसके त्रिपाठी को ज्ञापन देकर ग्वालियर व्यापार मेला के सुचारू संचालन के लिए उन सभी गंभीर समस्याओं का तत्काल निराकरण किए जाने का आग्रह किया जिनसे मेला व्यापारी और सैलानी रोजाना ही जूझ रहे हैं।
मेला व्यापारी संघ के अध्यक्ष महेन्द्र भदकारिया के नेतृत्व में दिए ज्ञापन में ठेलों एवं फड़ वालों से दुकानदारों हो रही असुविधा पर रोष जताते हुए कहा गया है कि मेला में, विशेषकर झूला एवं मनोरंजन सेक्टर में अवांछित व अवैध ठेलों एवं फड़ वालों ने बीच सड़क पर कब्जा जमा रखा है।
इस कारण झूला एवं मनोरंजन सेक्टर में हर वक्त सड़क जाम की स्थिति बनी रहती है। इस कारण हजारों रुपए किराया एवं अन्य शुल्क जमा करने वाले मेला के दुकानदारों का व्यापार चौपट हो रहा है। मनोरंजन व झूला सेक्टर में हर वक्त जाम की स्थिति बनी रहती है। हालत यह हो गई है कि सैलानियों को पांच फलांग चलने में भी दस मिनट लग रहे हैं। ठेलों एवं फडों की बेतरतीबी के कारण सैलानी दुकानों के काउंटर तक पहुंच ही नहीं पाते हैं। सड़क पर ठेलों एवं फड़ की बेतरतीब उपस्थिति के कारण आपदा की स्थिति में फायर बिग्रेड एवं एंबुलेंस की तत्काल पहुंच में बाधा उत्पन्न होने का भी खतरा है, इसलिए इन ठेलों एवं फडों को यहां से तत्काल हटाकर इनके लिए निर्धारित हॉकर्स जोन में भेजा जाए।
मेला व्यापारी संघ के अध्यक्ष महेन्द्र भदकारिया, सचिव महेश मुदगल, संयुक्त अध्यक्ष एवं प्रवक्ता अनिल पुनियानी ने यह भी मांग की कि झूला एवं मनोरंजन सेक्टरों में सभी झूलों को रात्रि में बंद करने के लिए एक समान निष्पक्ष नियम बनाया जाए। ऐसा न हो कि झूला सेक्टर में झूलों को नियमानुसार रात दस बजे बंद कराकर मेला के अन्य हिस्सों में झूलों को रात ग्यारह बारह बजे तक चालू रहने दिया जाए। ऐसा लगता है कि मेला प्रशासन के कुछ लोग ऐसा करके झूला संचालकों में आपस में मतभेद उत्पन्न करना चाहते हैं ताकि व्यापारियों की एकजुटता खंडित हो जाए।
मेला व्यापारी संघ ऐसा हरगिज नहीं होने देगा। सभी झूलों को रात्रि में एक समान समय पर ही बंद कराया जाए, कुछ पर रहम और बाकी पर सख्ती की नीति आज से ही बंद कर दी जाए। ज्ञापन पत्र में मेला व्यापारी संघ ने सख्त अल्टीमेटम दिया है कि यदि ठेलेवालों को सेक्टरों से हटाकर हॉकर्स जोन में नहीं भेजा गया और झूला बंद करने के मामले में एकसमान निष्पक्ष रवैया नहीं अपनाया गया तो व्यापारीगण मेला को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर मेला प्राधिकरण के गेट पर धरने पर बैठ जाएंगे
