जबलपुर:नवयुवक किसानों की भागीदारी से ही कृषि क्षेत्र में नए आयाम खुलेंगे। पारंपरिक खेती से हटकर नवाचार और जैविक खेती अपनाना अब हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। पराली प्रबंधन में युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही किसानों का भविष्य उज्ज्वल होगा, उक्त बातें कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने किसान सेवा संगठन के युवा विंग किसान सेवा सेना के सप्तम स्थापना दिवस पर आयोजित कृषि संगोष्ठी और कृषक सम्मान समारोह में कही। समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुई।
भारत कृषक समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के. के. अग्रवाल ने कलेक्टर का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार और कृषि विभाग की योजनाओं को गति देने में युवा किसान महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। समारोह की अध्यक्षता करते हुए पूर्व कुलपति रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय एवं पूर्व अध्यक्ष केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड डॉ. एस. पी. गौतम ने किसानों को जैविक खेती अपनाकर समृद्धि की ओर बढ़ने का मार्ग प्रशस्त किया।
वैज्ञानिक मार्गदर्शन से उत्पादन क्षमता बढ़ाने की सीख
विशिष्ट अतिथि डॉ. संजय कुमार, वरिष्ठ वैज्ञानिक, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, ने किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन के लिए वैज्ञानिक विधि से बीज चयन और खेती करने के गुर बताए। उपसंचालक कृषि एस. के. निगम ने ई-टोकन योजना के सफल संचालन के लिए जबलपुर के किसानों का धन्यवाद किया।
संगठित होकर नवाचार अपनाने का संदेश
कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं भारतीय किसान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विवेक पटेल, जे. आर. गायकवाड, रूपेंद्र पटेल, सहायक संचालक (कृषि) रवि आम्रवंशी, विनय ठाकुर सहित अन्य विशेषज्ञों ने किसानों को संगठित होकर नवाचार अपनाने और अपने हितों की रक्षा करने का संदेश दिया।
उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किसान
इस अवसर पर कैलाश यादव, अर्चना सोनी, पंचम हल्दकार, रामदीन पटेल, सपना काछी और अंशु माला धगट को जैविक खेती और नवाचार में उत्कृष्ट कार्य के लिए कलेक्टर द्वारा प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो, शॉल और श्रीफल से सम्मानित किया गया। साथ ही, सेवानिवृत्त उपसंचालक (कृषि) के. एल. कोष्ठा की लिखित पुस्तिका “पारंपरिक खेती” का विमोचन भी कलेक्टर ने किया। किसान सेवा संगठन के ब्लॉक अध्यक्षों और महिला विंग की पदाधिकारियों को मनोनयन पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन संगठन के अध्यक्ष जितेंद्र देसी एवं संरक्षक रामकिशन पटेल ने किया।
