
उज्जैन। पश्चिमी विक्षोभ का नया सिस्टम सक्रिय होने के बाद एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। शनिवार को सुबह से आसमान में बादल छाए हुए थे और सूर्य देव के दर्शन दोपहर बाद हुए। दिन भर 6 से 8 किलोमीटर की रफ्तार से हवा चलती रही। मौसम विभाग में 2 से 3 दिन तक ऐसा ही मौसम बना रहने और मावठे की बारिश होने का अंदेशा जताया है।
मकर संक्रांति को सूर्य के उत्तरायण होने के बाद ठंड का असर कम होने लगता है, लेकिन इस बार मौसम बार-बार करवट बदल रहा है। कुछ दिन पहले हुई ओलावृष्टि और बारिश के बाद तापमान में आई गिरावट से ठंड बढ़ गई है। लेकिन 2 दिन से मौसम खुला हुआ था मौसम वैज्ञानिकों ने 31 जनवरी से पश्चिमी विक्षोभ का नया स्ट्रांग सिस्टम एक्टिवेट होने का अलर्ट जारी किया है। जो शनिवार को सटीक साबित हुआ आसमान में सुबह से ही बादल छाए हुए थे और सूर्य देव के दर्शन नहीं हुए थे दोपहर बाद धूप निकली लेकिन वह भी माध्यम बनी रही इस बीच 6 से 8 किलोमीटर की ठंडी हवा से मौसम में ठंडक बनी हुई थी। स्थानीय जीवाजी राव वेधशाला के अनुसार अधिकतम तापमान 25.5 डिग्री दर्ज किया गया है। इससे पहले शुक्रवार शनिवार रात न्यूनतम तापमान 15.5 डिग्री दर्ज हुआ था। दिन रात के तापमान में 10 डिग्री का अंतर रह गया है। पश्चिमी विक्षोभ के नए स्ट्रांग सिस्टम के सक्रिय होने से फरवरी माह का प्रथम सप्ताह भी ठंड के बीच गुजर सकता है फिलहाल 2 से 3 दिन तक इसी तरह का मौसम बना रहने का अनुमान है। जिसके चलते जिले के कुछ हिस्सों में मावठे की बारिश हो सकती है।
