भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने शनिवार को दावा किया कि उसने प्रदेश में लोकतंत्र को कमजोर करने की एक गंभीर, संगठित और सुनियोजित साजिश का पर्दाफाश किया है, जिसके तहत बड़े पैमाने पर मतदाता सूचियों में हेरफेर किया जा रहा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), उसके बूथ लेवल एजेंट (बीएलए/बीएलए-2) और कुछ प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत है।
इस संवाददाता से बातचीत करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता राहुल राज ने कहा कि बिहार, बेंगलुरु और हरियाणा में बीएलए के माध्यम से कथित वोट-चोरी और मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों के आज तक कोई जवाब नहीं दिए गए। उन्होंने बेंगलुरु प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां एक व्यक्ति ने किसी तीसरे व्यक्ति के मोबाइल नंबर का उपयोग कर दूसरे मतदाता का नाम कटवा दिया था और अब मध्य प्रदेश में भी वही पैटर्न सामने आ रहा है।
कांग्रेस का आरोप है कि फॉर्म-7 और बीएलए-2 प्रणाली के दुरुपयोग के जरिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक और विपक्ष समर्थक मतदाताओं के नाम योजनाबद्ध तरीके से मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, जिससे चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
इस बीच, प्रदेश कांग्रेस के महासचिव अमित शर्मा ने मीडिया के समक्ष दस्तावेजी सामग्री और तथाकथित लाइव साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए दावा किया कि एक ही व्यक्ति 50 से 100 तक फर्जी आपत्तियां दर्ज करा रहा है। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि इस प्रक्रिया को तुरंत नहीं रोका गया और फर्जी आवेदनों को निरस्त नहीं किया गया, तो 24 घंटे के भीतर इसमें शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
