ब्यावरा: स्थानीय इंदौर नाका स्टॉप डेम पर पुराने पुल के समीप ही एक और नया पुल का निर्माण किया गया ताकि राहगीरों को आवागमन में सुविधा हो किंतु यह नया पुल सुविधा की जगह जानलेवा साबित हो रहा है. पुल बुरी तरह उखडऩे के साथ इस पर गड्ढे हो रहे है, आये दिन वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे है. बावजूद इसके अभी तक जिम्मेदारों द्वारा पुल की सुध तक नहीं ली गई है.
गौरतलब है कि लगभग 1 करोड़ की लागत से इंदौर नाका अजनार नदी पुल के निकट ही एक नया पुल का निर्माण किया गया. ब्रिज निगम द्वारा ठेकेदार के माध्यम से पुल का निर्माण कराया गया. परन्तु शुरुआत दौर से ही पुल की जर्जर अवस्था नजर आने लगी थी.
दुपहिया वाहन हो रहे दुर्घटनाग्रस्त
जानकारी के अनुसार इंदौर नाका के नवीन पुल उखडक़र गिट्टी ऊपर आ गई है, पुल के बीच नाली जैसी बन गई है जिसमें दुपहिया वाहनो के पहिए जाने से वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे है. आये दिन दुपहिया वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने से कई लोग चोटिल तक हो चुके है. दिन में यह नजर आने से वाहन चालक अपने आप को बचा लेते है किंतु रात के अंधेरे में नजर नहीं आने से वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाते है.
निर्माण एजेंसी का होता है मरम्मत का जिम्मा
प्राय: सडक़, पुल या अन्य शासकीय निर्माण में यदि तीन से पांच साल के बीच कोई टूटफूट, खराबी होती है तो संबंधित निर्माण एजेंसी की यह जिम्मेदारी होती है कि वह उस टूटफूट, खराबी को दूर करे, किंतु इंदौर नाका के नवीन पुल की कोई सुध नहीं ली जा रही है. जिम्मेदारों द्वारा भी इस और कोई ध्यान नहीं देने से दिनों दिन पुल की स्थिति बदहाल हो रही है, जबकि यह पुल नगर के मुख्य पुराना ए.बी.रोड पर मौजूद है. यहां से हर दिन हजारों राहगीरों, वाहन चालकों, स्कूल के बच्चों का आना-जाना होता है
