सिंगरौली: एनसीएल की अमलोरी खदान में बीते 18 जनवरी की रात ड्यूटी पर तैनात सीआईएसएफ के प्रधान आरक्षक सतीशचन्द्र भारती पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस को सफलता मिली है। घटना के 12वें दिन नवानगर पुलिस ने इस प्रकरण में कबाड़ गिरोह से जुड़े दो संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान रामधानी सिंह (38 वर्ष, निवासी मोरवा) और महेंद्र बैगा (34 वर्ष, निवासी बछनार) के रूप में हुई है।
घटना का विवरण और पुलिस कार्रवाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 18 जनवरी की मध्यरात्रि को खदान क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान अज्ञात हमलावरों ने 47 वर्षीय प्रधान आरक्षक सतीशचन्द्र भारती पर लाठी-डंडों से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था। वारदात के बाद आरोपी मौके से कॉपर केबल चोरी कर ले गए और घायल जवान को पास के नाले में फेंक दिया था। सीआईएसएफ अधिकारियों की रिपोर्ट पर नवानगर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा एसआईटी (SIT) का गठन किया गया और आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की गई थी। सीएसपी विंध्यनगर पुन्नू परस्ते ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार किया है और उनके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त सामग्री भी बरामद की गई है। अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
जवान की हालत अब भी चिंताजनक
हमले में गंभीर रूप से घायल हुए जवान सतीशचन्द्र भारती का इलाज वर्तमान में वाराणसी के एक अस्पताल में चल रहा है। चिकित्सा सूत्रों के अनुसार, उनकी स्थिति अब भी नाजुक बनी हुई है और वे जीवन-मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं। इस घटना को लेकर सीआईएसएफ के अधिकारियों और साथी कर्मचारियों में गहरा रोष है।
यद्यपि पुलिस ने दो गिरफ्तारियां की हैं, लेकिन क्षेत्र में सक्रिय कबाड़ गिरोहों के पूरे नेटवर्क पर अंकुश लगाना अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। फरार चल रहे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसपी द्वारा इनाम की घोषणा को बरकरार रखा गया है और पुलिस जल्द ही पूरे गिरोह को सलाखों के पीछे भेजने का दावा कर रही है।
